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एक साथ पढ़े प्रशिक्षु थानेदार व प्रशिक्षु पटवारी को 3 हजार की रिश्वत लेते दबोचा
By EditorialPublished on
एकसाथ एक ही क्लास में पढ़कर थानेदार व पटवारी बने दो मित्रों को एसीबी (ACB) की स्पेशल यूनिट (Special unit) ने 3 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Arrested) किया है। प्रशिक्षु थानेदार ने थाने में रिश्वतली और अपने मित्र प्रशिक्षु पटवारी को दे दी, जब पटवारी लेकर जा रहा था तो एसीबी की टीम ने पकड़ लिया। पुलिस (Police) दोनों के घरों पर दबिश दे रही है।

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उदयपुर : एकसाथ एक ही क्लास में पढ़कर थानेदार व पटवारी बने दो मित्रों को एसीबी (ACB) की स्पेशल यूनिट (Special unit) ने 3 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Arrested) किया है। प्रशिक्षु थानेदार ने थाने में रिश्वतली और अपने मित्र प्रशिक्षु पटवारी को दे दी, जब पटवारी लेकर जा रहा था तो एसीबी की टीम ने पकड़ लिया। पुलिस (Police) दोनों के घरों पर दबिश दे रही है।
ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमन्त प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी की स्पेशल यूनिट उदयपुर (Udaipur) इकाई को एक परिवादी ने शिकायत दी गई कि उसके पति के खिलाफ दर्ज प्रकरण में मदद करने की एवज में चित्तौडगढ़ (Chittorgarh) के कोतवाली थाने पर तैनात एसआई प्रशिक्षु रामसिंह गुर्जर द्वारा 10 हजार रूपए की रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा है। जिस पर एसीबीए उदयपुर के उपमहानिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरवीजन में एसीबी स्पेशल यूनिट उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया।
जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर एएसपी ओझा के नेतृव पुलिस निरीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित की टीम ने कोतवाली थाना चित्तौड़गढ़ में ट्रेप कार्यवाही करते हुए एसआई प्रशिक्षु रामसिंह गुर्जर पुत्र बाबूलाल गुर्जर निवासी छायण रठांजना प्रतापगढ़ व चित्तौड़ के गंगरार तहसील के बोलों का सांवता गांव का पटवारी देवेन्द्र कुमार बारेठ पुत्र रामप्रसाद बारेठ निवासी ग्राम मीणों का कंथारिया चित्तौड़गढ़ को परिवादी से 3 हजार रूपए की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आरोपियों के घर पर दबिश देकर सर्च कार्यवाही की जा रही है।
थानेदार ने रिश्वत ली और मित्र पटवारी को दी
एसीबी के एएसपी ओझा ने बताया कि प्रशिक्षु थानेदार रामसिंह गुर्जर ने थाने में परिवादिया से 3 हजार रूपए रिश्वत ली। पैसे लेते ही पास में बैठे अपने बचपन के मित्र प्रशिक्षु पटवारी देवेन्द्र कुमार को दे दी । देवेन्द्र कुमार पैसा लेकर बाहर निकला और जा रहा था तो सजग ब्यूरों की टीम ने इस पटवारी को दबोच लिया।
नवोदय में साथ पढ़े, साथ भर्ती
ब्यूरों के अनुसार प्रशिक्षु थानेदार रामसिंह गुर्जर व प्रशिक्षु पटवारी देवेन्द्र कुमार दोनों नवोदय स्कूल (Navodaya School) में साथ पढ़े थे, जिससे दोनों में अच्छी दोस्ती थी। साथ में कॉलेज किया और साथ में ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर परीक्षाएं दी, जिसमें रामसिंह थानेदार बन गया और देवेन्द्र कुमार पटवारी बन गया। दोनों में अच्छी दोस्ती थी और दोनों सरकारी नौकरी में आने के बाद भी साथ ही रहते थे।

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