Stamp Paper
मुंबई : स्टैम्प पेपर (Stamp paper) विक्रेताओं ने स्टैम्प पेपर बिक्री के नये नियमों के विरोध में सोमवार (Monday) से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। नये नियम (New rules) के तहत निजी व्यक्तियों को उनके प्रतिनिधि (Representative) के जरिये ऑनलाइन या फिर लाइसेंसधारक स्टैम्प पेपर विक्रेताओं द्वारा स्टैम्प पेपर (Stamp paper) की खरीद (Purchase) करने पर पाबंदी लगा दी (Banned) है और ऐसे खरीदारों को स्टैम्प पेपर खरीदने के लिये खुद संबंधित विक्रेताओं के पास जाना होगा। मुंबई (Mumbai) के स्टैम्प पेपर विक्रेताओं ने इस नये नियम का विरोध किया है। इसी विरोध के तहत सोमवार से विक्रेताओं ने बेमियादी हड़ताल शुरु कर दी है।
दरअसल ऑनलाइन और लाइसेंसधारक दुकानों से स्टैम्प पेपर सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों से कहीं अधिक कीमतों पर बेचे जाने की शिकायतें पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं के मद्देनजर राज्य (State) के पंजीकरण एवं मुद्रांक शुल्क विभाग (Stamp duty department) ने निजी व्यक्तियों को उनके प्रतिनिधियों के मार्फत स्टैम्प पेपर की बिक्री पर रोक लगाते हुये ऐसे व्यक्तियों को खुद विक्रेताओं के पास जाकर स्टैम्प पेपर खरीदना अनिवार्य कर दिया है।
उधर स्टैम्प पेपर विक्रेताओं की दलील है कि वर्ष 1982 में जब लाइसेंस दिये गये थे, उस समय से जो सिस्टम चल रहा है, वे केवल उसी का पालन कर रहे हैं। स्टैम्प पेपर विक्रेता संघ, मुंबई के अध्यक्ष अशोक कदम
(Ashok Kadam)
का दावा है कि लाइसेंसधारक विक्रेता कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, खरीदार के प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या उनके अंगूठे का निशान लेते हैं और स्टैम्प पेपर की बिक्री करते हैं। ऐसे में अधिकारियों ने बिनावजह जानबूझकर इस तरह का आदेश पारित किया है और इससे मुंबई के लाइसेंसधारक विक्रेता और आम नागरिकों को दिक्कतें आयेंगी।
इस नये आदेश के चलते अब आम नागरिकों, बुजुर्गों, छात्रों, मंत्री या किसी भी रसूखदार व्यक्ति, सभी को खुद जाकर स्टैम्प पेपर खरीदना होगा। इस आदेश के विरोध में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
Editorial

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