Dhirendra Shastri
मुंबई : बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) पिछले कई दिनों से अपने बयानों के चलते सुर्खियों में हैं, लेकिन अब उनके खिलाफ शिरडी के साईं बाबा (Shirdi Sai Baba) पर दिए बयान को लेकर मुंबई पुलिस (Mumbai police) में शिकायत की गई है। शिकायत में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।
शिवसेना (Shivsena) (उद्धव गुट) युवा सेना के नेता राहुल कनाल ने पुलिस (Police) को पत्र लिखकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) के शिरडी साईं बाबा (Shirdi Sai Baba)
पर दिए गए बयान को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा म.प्र. के जबलपुर जिले में 25 से 31 मार्च तक आयोजित की गई थी। इस दौरान प्रबुद्ध जनों से चर्चा करते हुए उन्होंने साईं बाबा को लेकर कई बातें कही थी। उन्होंने कहा कि हमारे सर्वोच्च गुरू शंकराचार्य ने कभी भी साईं बाबा को देवता का स्थान नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य हिंदू धर्म के प्रधानमंत्री (Prime Minister) हैं, इसलिए हर सनातनी को उनकी बात मानना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा था कि गीदड़ की खाल पहनकर कोई शेर नहीं हो सकता। इस दौरान उन्होंने साईं बाबा को भगवान मानने से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि साईं बाबा कोई भगवान नहीं हैं। वे संत और फकीर हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं हो सकते।
'शंकराचार्य ने भी साईं बाबा को देवता का स्थान नहीं दिया'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कोई भी संत, वह चाहे गोस्वामी तुलसीदास (Goswami Tulsidas) हों या सूरदास जी हों, वे महापुरूष युग पुरूष हैं, कल्प पुरूष हैं, लेकिन भगवान नहीं हैं। जब धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि साईं बाबा की पूजा करनी चाहिए या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने साईं बाबा को देवताओं का स्थान नहीं दिया है और शंकराचार्य की बात मानना, प्रत्येक सनातनी का धर्म है, क्योंकि वे अपने धर्म के प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं बाबा की पूजा और मंदिरों में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का विरोध किया था। उन्होंने साईंबाबा को भगवान मानने से इनकार करते हुए मोमिनवंशी बताया था।
Editorial

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