CM Ashok Gehlot

जयपुर : राजस्थान (Rajasthan) में साल के आखिर में विधानसभा का चुनाव (Assembly elections) है। इस चुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) किसी को नाराज नहीं करना चाहते हैं। कुछ नेताओं के नाराज होने की खबर आ रही है। लेकिन अब सीएम गहलोत ने 'डी' प्लान के जरिए इन नेताओं को खुश करने की तैयारी कर ली है। दरअसल सीएम गहलोत एक बार फिर नए जिलों की बम्पर घोषणा कर सकते है। इनमें नए संभाग भी बनाए जाने की संभावना बताई जा रही है। गहलोत इस घोषणा से नाराज जनप्रतिनिधियों (People's representatives) को साधने की कोशिश कर सकते हैं। दरअसल कुछ क्षेत्रों में जिला नहीं बनाए जाने को लेकर वहां जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इसको लेकर सीएम गहलोत ने रामलुभाया कमेटी से ऐसे नए जिलों और संभाग बनाने के लिए एक बार फिर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि नए जिले को लेकर रामलुभाया कमेटी अपनी अंतरिम रिपोर्ट
(Report)
दे चुकी है। इसी के आधार पर गहलोत ने बजट सत्र के दौरान 19 नए जिले व 3 नए संभाग की घोषणा की थी। लेकिन घोषणा के बाद सूरतगढ़, सुजानगढ़, सांभर फुलेरा समेत कई क्षेत्रों में जिला नहीं बनाए जाने को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। इसको लेकर अभी भी वहां धरना प्रदर्शन चल रहे हैं। इसके अलावा कई कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों में भी उनके क्षेत्र को जिला नहीं बनाने पर नाराजगी है। इसी को दूर करने के लिए सीएम 8 से 10 नए जिलों की घोषणा कर सकते हैं।
तीन और नए संभाग बनाए जाने की चल रही कवायद
बजट सत्र (Budget session) के दौरान नई घोषणा के अनुसार राजस्थान (Rajasthan) में 10 संभाग हो चुके हैं। नए जिले बनाने की मांग की तर्ज पर अब भीलवाड़ा, नागौर, बाड़मेर, सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ में भी संभाग मुख्यालय
(Division Headquarters)
बनाने की मांग तेज हो गई है। इन सभी स्थानों पर कांग्रेस सरकार में कई विधायक और मंत्री हैं, जो अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए यहां संभाग बनाने को लेकर मुद्दा उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस घोषणा में तीन और नए संभाग बनाए जा सकते हैं। इससे पहले बजट सत्र में हुई घोषणा के बाद राजस्थान में संभाग की संख्या 10 हो चुकी थी। यानी तीन और संभाग बनते हैं तो राजस्थान में संभाग की संख्या 13 पहुंच जाएगी। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि कांग्रेस राजनीतिक तौर पर विधानसभा और लोकसभा सीटों पर अपनी बढ़त करना चाहती है।
जयपुर को 2 जिलों में बांटने पर एक बार फिर हो सकता है विचार
नई घोषणा के अनुसार, जयपुर (Jaipur) को 2 जिलों में बांटने को लेकर जनप्रतिनिधि नाखुश हैं। इसको लेकर भाजपा (BJP) भी इसे मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। सिविल लाइन (Civil Line) से पूर्व विधायक और मंत्री अपनी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जयपुर (Jaipur) रह चुके अरूण चतुर्वेदी ने भी जयपुर को बांटने में एक संपूर्ण सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान लिए हुए है। इसे 2 जिलों में बांटना गलत होगा। इसी तरह कांग्रेस सरकार (Congress Govt) के कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) प्रताप सिंह खाचरियावास भी जयपुर शहर को 2 जिले में विभक्त करने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। इसको लेकर खाचरियावास के बयान भी सामने आए हैं। इस विरोध को देखते हुए सरकार जयपुर को 2 जिले में विभक्त करने पर एक बार फिर विचार कर सकती है।
इन उपखंडों से बनाए जा सकते हैं नए जिले
सूत्रों के अनुसार सीएम अशोक गहलोत की आगामी नई घोषणा में सांभर, फुलेरा, मालपुरा, सुजानगढ़, भीनमाल, रावतभाटा, खाजूवाला, सुमेरपुर, निंबाहेड़ा, जैतारण, खेतड़ी, कोटा उत्तर व दक्षिण, भिवाड़ी व सूरतगढ़ उपखंडों में से 8 से 10 नए जिलों के नाम की घोषणा हो सकती है। जबकि इससे पहले बजट सत्र में सीएम गहलोत 19 नए जिलों की घोषणा पूर्व में कर चुके हैं। जिसके बाद राजस्थान में जिलों की संख्या 50 पहुंच गई।
Editorial

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