✕
संजय राउत ने मल्लिकार्जुन को किया डिफेंड
By EditorialPublished on
मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) कांग्रेस (Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कर्नाटक (Karnataka) के चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जो बयान दिया है, उससे बीजेपी (BJP) इतनी आहत क्यों है? हिंदू धर्म में तो सांपों को पूजा जाता है। नागराज कहा जाता है। उन्हें देव समझा जाता है। सांपों को किसानों का मित्र भी कहा जाता है। उन्हें किसानों (Farmer) के खेतों का चौकीदार भी कहा जाता है। इन शब्दों में ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत (MP Sanjay Raut)

x

मुंबई । मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) कांग्रेस (Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कर्नाटक (Karnataka) के चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जो बयान दिया है, उससे बीजेपी (BJP) इतनी आहत क्यों है? हिंदू धर्म में तो सांपों को पूजा जाता है। नागराज कहा जाता है। उन्हें देव समझा जाता है। सांपों को किसानों का मित्र भी कहा जाता है। उन्हें किसानों (Farmer) के खेतों का चौकीदार भी कहा जाता है। इन शब्दों में ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत (MP Sanjay Raut) ने शुक्रवार मल्लिकार्जुन खरगे को डिफेंड किया है।
संजय राउत ने कहा कि हालांकि मुझे मालूम नहीं है कि उन्होंने यह बात किस कॉन्टेक्स्ट में कही है। लेकिन जहां तक मुझे मालूम है कि बयान के बाद मल्लिकार्जुन खरगे की सफाई भी सामने आ गई है। उन्होंने कहा है कि उनका बयान निजी तौर से पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लिए नहीं था, बीजेपी पार्टी के लिए था। मुझे तो लगता है खरगे जी ने यह कह कर उन्हें गौरवान्वित किया है।
संजय राउत ने महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे और उनकी टीम आज बीजेपी पर बोझ बन चुके हैं। अब यह बीजेपी की अंदरुनी समस्या है कि वो इस बोझ को कब तक उठाती है। संजय राउत ने यहां तक कह दिया कि जनता गद्दारों को जूते मारेगी। इसके जवाब में बीजेपी विधायक नितेश राणे (MLA Nitesh Rane) ने कहा कि, ‘जहां तक मुझे मालूम है, उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) महाविकास आघाड़ी (MVA) पर बोझ बन गए हैं। 1 मई को जो एमवीए की मुंबई (Mumbai) में संयुक्त वज्रमूठ सभा होने जा रही है, वो के बाद महाविकास आघाड़ी की कोई संयुक्त सभा नहीं होगी।
नितेश राणे ने राऊत पर साधा निशाना
संजय राउत ने आज देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की तारीफ करके सबको चौंका दिया और शरद पवार पर कटाक्ष कर दिया। राउत फडणवीस की कड़ी आलोचना करते रहे हैं और शरद पवार का तो उन्हें प्रवक्ता तक कहा जाता रहा है। इस पर भी नितेश राणे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ‘संजय राउत पहले भी ठाकरे गुट के नहीं थे, शरद पवार (Sharad Pawar) के समझे जाते थे। अब उनके बीजेपी को लेकर उनके स्पीकर का डेसिमल कम हो गया है और वे शरद पवार की आलोचना पर उतर आए हैं। ना शिवसेना के रहे, ना शरद पवार के रहे. संजय राउत लावारिस हैं क्या?’

Editorial
Next Story
Related News
X
