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गली - मौहल्लों से लेकर गांव- चौपालों तक महंगाई राहत कैम्पों की चर्चा महंगाई की चिन्ता से मिल रही मुक्ति, खुशी से दमक रहे चेहरे
By EditorialPublished on
महंगाई (Inflation) से आमजन को राहत देने के लिए प्रदेश भर में आयोजित किये जा रहे महंगाई राहत कैम्प चन्द दिनों में ही लोकप्रिय हो गए हैं। गली- मौहल्लों, गांव - चौपालों पर लोग राज्य सरकार द्वारा इन कैम्पों के जरिए दी जा रही राहत की चर्चा करते नजर आ रहे हैं। लोग स्वयं तो इन कैम्पों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ ले ही रहे हैं, अन्य लोगों को भी इनके बारे में जागरूक कर रहे हैं। कैम्पों में दी जा रही राहत के जरिए लोग महंगाई की चिन्ता से काफी हद तक मुक्त हो रहे हैं और उनके चेहरे खुशी से दमक रहे हैं। महंगाई राहत कैम्पों
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जयपुर : महंगाई (Inflation) से आमजन को राहत देने के लिए प्रदेश भर में आयोजित किये जा रहे महंगाई राहत कैम्प चन्द दिनों में ही लोकप्रिय हो गए हैं। गली- मौहल्लों, गांव - चौपालों पर लोग राज्य सरकार द्वारा इन कैम्पों के जरिए दी जा रही राहत की चर्चा करते नजर आ रहे हैं। लोग स्वयं तो इन कैम्पों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ ले ही रहे हैं, अन्य लोगों को भी इनके बारे में जागरूक कर रहे हैं। कैम्पों में दी जा रही राहत के जरिए लोग महंगाई की चिन्ता से काफी हद तक मुक्त हो रहे हैं और उनके चेहरे खुशी से दमक रहे हैं। महंगाई राहत कैम्पों में राहत प्राप्त करने की कहानी खुद उनके चेहरे बयां कर रहे हैं।
श्रीगंगानगर जिले के वार्ड नंबर 3, 4, 5 के लिए आयोजित कैंप में बुजुर्ग गंगा सिंह अपना रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पहुंचे। कैंप में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने सम्मानपूर्वक उनसे बातचीत की और आवश्यक दस्तावेज लेने के बाद योजनाओं में पंजीकरण कर गारंटी कार्ड सौंपे। वृद्धावस्था पेंशन के साथ ही उन्हें अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का भी लाभ मिला है। योजनाओं का लाभ मिलने पर गंगा सिंह की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने भावविभोर होकर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया।
कुवैत जाकर सबको महंगाई राहत कैम्प के बारे में बताऊंगा
डूंगरपुर में छात्र भव्य पाटीदार दीनदयाल ऑडिटोरियम में चल रहे महंगाई राहत कैम्प में पहुंचे। यहां जन आधार कार्ड (Aadhar card) सहित अन्य दस्तावेज दिखाने पर उनके परिवार का 7 योजनाओं में रजिस्ट्रेशन कर उन्हें मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड सौंपे गये । भव्य के पिता विक्रांत पाटीदार कुवैत में मजदूरी करते हैं और इन दिनों डूंगरपुर आए हुए हैं। जब भव्य ने अपने पिता को सातों योजनाओं के मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड दिखाए तो एकबारगी उन्हें यकीन नहीं हुआ । उन्होंने कहा- डेढ़-दो साल बाद यहां आया हूं। बहुत कुछ बदल गया है। राजस्थान सरकार अच्छा काम कर रही है। मैं कुवैत लौटकर वहां हमारे क्षेत्र के लोगों को महंगाई राहत कैम्प के बारे में बताऊंगा ।
सरकार ने सुधार दिया मेरा बुढ़ापा
जनजाति बाहुल्य बांसवाड़ा जिले में घाटोल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बस्सी आडा के कैम्प में 70 वर्षीय नारिया डेलिया को 9 योजनाओं का लाभ मिला। शिविर प्रभारी ने जब बुजुर्ग नारिया को गारंटी कार्ड प्रदान किए तो वे भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि मुझे पूरी जिन्दगी में इतनी खुशियां एक साथ कभी नहीं मिली। मुझ गरीब के पास थोड़ी सी जमीन है जिससे गुजारा भी नहीं हो पाता है। सरकार ने इतने सारे लाभ एक साथ देकर मेरा बुढ़ापा सुधार दिया ।
दिनों और घण्टों का काम मिनटों में
महंगाई राहत कैम्पों में बरसों पुराने काम एक ही छत के नीचे कुछ ही मिनटों में हो जाने से आम लोगों के लिए ये शिविर 'घर बैठे आई गंगा' से कम नहीं हैं। जोधपुर जिले की नाड़सर ग्राम पंचायत निवासी करणसिंह को 36 वर्ष बाद दिव्यांग पेंशन पाने का सुकून मिला। मानसिक विमन्दित करण सिंह का इलाज उनकी पत्नी तथा दो नाबालिग बच्चियों के जिम्मे है। महंगाई राहत कैंप की जानकारी पाकर उनके परिवार ने कैंप में आकर शिविर प्रभारी को वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जिसके बाद मौके पर ही उन्हें योजना से जोड़ा गया।

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