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चार्जशीट में पहली बार जुड़ा सिसोदिया का नाम
By EditorialPublished on
दिल्ली के शराब घोटाले की चार्जशीट में मनीष सिसोदिया का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ दिया गया है। आज इस केस में दाखिल की गई पूरक चार्जशीट में मनीष सिसोदिया के अलावा बुची बाबू, अर्जुन पांडेय और अमनदीप ढल का नाम भी शामिल किया है। बुची बाबू तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी के. कविता के ऑडिटर हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सीबीआई ने नए आरोपियों के आधार पर नए सिरे से जांच करना शुरू कर दिया है।
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नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली के शराब घोटाले की चार्जशीट में मनीष सिसोदिया का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ दिया गया है। आज इस केस में दाखिल की गई पूरक चार्जशीट में मनीष सिसोदिया के अलावा बुची बाबू, अर्जुन पांडेय और अमनदीप ढल का नाम भी शामिल किया है। बुची बाबू तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी के. कविता के ऑडिटर हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में सीबीआई ने नए आरोपियों के आधार पर नए सिरे से जांच करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने पूरक चार्जशीट आपराधिक साजिश की धारा 120बी और धोखाधड़ी के लिए सेक्शन 420 के तहत केस दर्ज किया है। सीबीआई ने शराब घोटाले में दाखिल की पहली चार्जशीट में आरोप लगाया था कि संदिग्ध अभिषेक बोईनपल्ली ने दक्षिण ग्रुप के कहने पर 20 से 30 करोड़ रूपये की व्यवस्था की थी । यह रकम दिनेश अरोड़ा के जरिए विजय नायर को जुलाई से सितंबर 2021 तक दी गई थी। आरोप है कि इस मनीष सिसोदिया ने निजी तौर पर इंडो स्पिरिट क आवेदन को आगे बढ़ाया था, जिसमें शुरूआत में खामियां गिनाई गई थीं। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूर्व एक्साइज कमिश्नर आरव गोपी कृष्ण का नाम भी चार्जशीट के कॉलम 12 में संदिग्ध के तौर पर शामिल किया गया है। अदालत में सीबीआई ने बताया कि जिन 4 लोगों के नाम चार्जशीट में आरोपी के तौर पर जोड़े गए हैं, उनमें से दो मनीष सिसोदिया और अमनदीप ढल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं के. कविता के करीबी बुची बाबू को 6 मार्च, 2023 को जमानत दे दी गई थी। वहीं इस मामले के एक अन्य आरोपी अर्जुन पांडे को आज तक अरेस्ट ही नहीं किया गया है।
अगली सुनवाई 12 मई को, सिसोदिया को बताया मुख्य साजिशकर्ता
अदालत ने अब इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 12 मई की तारीख तय की है। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया 8 घंटे तक चली पूछताछ के बाद 26 फरवरी को अरेस्ट कर लिया था। एजेंसी ने उन पर आरोप लगाया था कि एक्साइज पॉलिसी को उन्हें बदला था ताकि कुछ लोगों को फायदा पहुंच सके।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आपराधिक साजिश रचने वाले मुख्य कर्ताधर्ता मनीष सिसोदिया ही हैं। एजेंसी का कहना है कि सिसोदिया के कहने पर ही विजय नायर ने दूसरे आरोपियों के साथ मीटिंग्स कीं और रकम हासिल की।
सिसोदिया के अलावा विजय नायर को भी नहीं मिल रही बेल

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