Dhani
जोधपुर : घांची समाज की ओर से अक्षय तृतीया पर हर साल होने वाला 'धणी' (Dhani) का शनिवार को सोजतिया बास घांची समाज विकास समिति (Social Development Committee) की ओर बाईजी का तालाब स्थित घांचियों की बगेची दोपहर ढाई बजे शुरू हुआ। तीन घंटे हवन चले के दौरान अकाल- सुकाल के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दी। अनुष्ठान के शुरूआती दौर से शांति व स्थिरता के संकेत रहे, लेकिन दो घण्टे बाद अकाल-सुकाल की खपच्चियों के बीच घमासन हुआ। कभी काल ऊपर दिखा तो कभी सुकाल ऊपर रहा। धणी (Dhani) ने इस बार प्रदेश में भारी राजनीतिक (Political) उठा-पटक व कम बारिश के साथ अच्छी फसल (Harvest) होने के संकेत दिए ।
बीमारी का संकेत भी मिला :
कोषाध्यक्ष घनश्याम परिहार ने बताया कि धणी में खपची पकड़े बच्चे का गिरना अशुभ और बीमारी का संकेत दिया था । थंब के शिखर पर स्थापित अकाल व सुकाल के संकेतात्मक के दौरान एक बालक का गिरना बीमारी का संकेत साबित हुआ। वर्ष 2019 में भी एक बच्चे के गिरने के दौरान भी बीमारी का संकेत मिला और कोरोना जैसी महामारी से गुजरना पड़ा ।
अनुष्ठान में चार बालक शामिल किए :
सोजतिया बास विकास समिति के अध्यक्ष नैनुराम राठौड़ ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान चार बालकों को शामिल किया गया। एक-एक बालक को स्नान के बाद गीले वस्त्रों में आमने- सामने खड़ा कर बांस की दो-दो खपचियां थमाई गई । कुमकुम लगी खपची सुकाल और काजल लगी खपची अकाल के प्रतीक रूप में शमिल की गई। सवा 2 घंटे के बाद दो अन्य बालकों को आमने-सामने खड़ा किया गया। मिट्टी की वेदी पर सात तरह के खाद्यान्न, गुड़ व पताशों ढेरी पर लकड़ी का थंब रखा गया। कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष जुगल भाटी, राजेश सोलंकी, अचुलराम सोलंकी सहित महिला-पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए व जयकारे लगाते रहे ।
Editorial

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