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'हम वकीलों की कमाई कराने नहीं बैठे'
By EditorialPublished on
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस (Chief Justice) डीवाई चंद्रचूड़ अपनी साफगोई और सख्त तेवर के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार को भी एक मामले की सुनवाई के दौरान उनका सख्त रूख देने को मिला। एक वकील (Lawyers) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम केस में शामिल करने की मांग पर वह भड़क गए। चीफ जस्टिस ने साफ कह दिया कि हम यहां वकीलों की कमाई कराने के लिए नहीं बैठे हैं।
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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) अपनी साफगोई और सख्त तेवर के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार को भी एक मामले की सुनवाई के दौरान उनका सख्त रूख देने को मिला। एक वकील (Lawyers) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम केस में शामिल करने की मांग पर वह भड़क गए। चीफ जस्टिस (Chief Justice) ने साफ कह दिया कि हम यहां वकीलों की कमाई कराने के लिए नहीं बैठे हैं। लाईव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस ने कहा कि हम जानते हैं कि कौन अदालत में पेश हुआ है और कौन नहीं चीफ जस्टिस ने कहा, हम जानते हैं कि कौन कोर्ट में पेश हुआ और कौन नहीं। यदि कोई अदालत में आया ही नहीं तो हम क्या कर सकते हैं। हम ऐसे लोगों की मदद नहीं करेंगे।
इससे पहले 11 अप्रैल को भी एक केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने वकील को फटकार लगाई थी। दरअसल चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने एक केस की सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय की थी। इस पर वकील (Advocate) ने कहा था कि यदि इसकी जल्दी सुनवाई ना हो पाए तो क्या मैं दूसरी बेंच के सामने जाकर नई तारीख ले सकता हूं। इस पर चीफ जस्टिस ने भड़कते हुए कहा था कि मेरी अथॉरिटी को चैलेंज मत करिए।
उन्होंने कहा, हम आपको 17 अप्रैल की तारीख दे रहे हैं। इस पर 17 को ही बात होगी। इसे जल्दी तारीख के लिए कहीं और मेंशन न करें । उनकी इस फटकार पर वकील ने कहा था कि मुझे माफ करें। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपको माफी दी जाती है, लेकिन मुझे भी क्षमा करें। 17 अप्रैल का मतलब 17 अप्रैल ही है। मेरी अथॉरिटी के साथ खिलवाड़ न करें।

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