✕
'राजनीतिक दल टैक्सपेयर्स का धन लुटा तो नहीं रहे'
By EditorialPublished on
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सिविल सेवा दिवस पर शुक्रवार को अधिकारियों को एक बड़ा मंत्र दे दिया। उन्होंने कहा कि वह भारत की हर ब्यूरोक्रेसी से वह आग्रह करना चाहते हैं कि वो राजनीतिक (Political) दलों के कामकाज और उसके निर्णयों को लेकर सवाल जरूर पूछें।
_202304221045474877.jpg)
x
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सिविल सेवा दिवस पर शुक्रवार को अधिकारियों को एक बड़ा मंत्र दे दिया। उन्होंने कहा कि वह भारत की हर ब्यूरोक्रेसी से वह आग्रह करना चाहते हैं कि वो राजनीतिक दलों (Political parties) के कामकाज और उसके निर्णयों को लेकर सवाल जरूर पूछें। प्र.म. - मोदी ने कहा कि सभी अधिकारियों का यह लक्ष्य देशहित ही होना चाहिए। उन्होंने इशारों में अधिकारियों को राजनीतिक दलों के कामकाज पर "तीसरी आंख" वाली नजर - रखने की अपील कर दी। प्र.म. ने कहा कि कोई राजनीतिक दल टैक्सपेयर का पैसा कहां खर्च कर रहा है ये जरूर पूछा जाना चाहिए।
देशहित ही असल कसौटी
प्र.म. मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की घोषणा की थी। प्र.म. ने शुक्रवार को भी अधिकारियों को इसी लाइन पर चलने की सलाह दे दी। हां, इसमें उन्होंने राजनीतिक दलों को भी जोड़ दिया है। प्र.म. ने कहा कि देश के हर कर्मचारी चाहे वो राज्य सरकार के हों या फिर केंद्र सरकार (Central government) के कर्मचारी हों। आप सभी पर देश ने काफी भरोसा किया है। आपको मौका दिया है। आप उस भरोसे को कायम रखें। उन्होंने कहा, मैं अक्सर कहता हूं कि आपकी सर्विस में आपके निर्णयों का आधार सिर्फ देशहित होना चाहिए। हो सकता है कि फील्ड में आपको किसी एक व्यक्ति या एक समूह के लिए फैसला लेना हो, लेकिन तब भी आप ये जरूर सोचिए कि मेरे इस निर्णय से देश का क्या भला होगा? आपके लिए कसौटी देशहित ही है।
देश का धन लुट तो नहीं रहा है?
प्र.म. मोदी यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि मैं देश के ब्यूरोक्रेट्स के लिए इस लाइन में एक और बात जोड़ना चाहता हूं। मुझे विश्वास है। कि आप इस कसौटी पर भी खरा उतरेंगे। किसी भी लोकतंत्र (Democracy) में राजनीतिक दलों का बहुत महत्व होता ही है और ये बहुत आवश्यक भी है। ये लोकतंत्र की खूबसूरती है । हल दल की अपनी विचारधारा होती है, संविधान ने हर दल को ये अधिकार दिया है। लेकिन नौकरशाह के तौर पर, एक कर्मचारी के तौर पर अब आपको हर निर्णय में कुछ सवालों का अब अवश्य ध्यान रखना पड़ेगा। आखिर जो राजनीतिक दल सत्ता में आया है वो टैक्सपेयर का पैसा देशहित में लगा रहा है या उसका कहां इस्तेमाल कर रहा है? कहीं देश का धनु लुटाया तो नहीं जा रहा है।
वोट बैंक के लिए तो नहीं लुटाया जा रहा है पैसा? :
प्र.म. मोदी ने अधिकारियों से अपील की कि वो इस बात पर भी नजर रखें वो राजनीतिक दल अपने दल के विस्तार में सरकारी धन का उपयोग कर रहा है या फिर देश के विकास में उस पैसों का इस्तेमाल कर रहा है। प्र.म. मोदी के इस बयान के बाद वहां बैठे अधिकारियों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया। प्र.म. ने कहा कि अधिकारियों को ध्यान रखना होगा कि वो राजनीतिक दल अपने दल के विस्तार में सरकारी धन का उपयोग कर रहा है या फिर देश के विकास में उस पैसों का इस्तेमाल कर रहा है, वो राजनीतिक दल अपना वोट बैंक बनाने के लिए सरकारी धन लुटा रहा है या फिर सभी का जीवन आसान बनाने कि लिए काम रहा है।
काली कमाई का रास्ता तो नहीं बना रहे राजनितक क्ला :
प्र.म. ने अपने संबोधन में अधिकारियों से अपील की कि वो ये भी देखें कि वो राजनीतिक दल नीतियों में इसलिए तो फेरबदल नहीं कर रहा है ताकि उसकी आकाओं की काली कमाई के रास्ते बने। आप अपने हर फैसले से इन सवालों के बारे में जरूर सोंचे। प्र.म. मोदी ने कहा कि वो राजनीतक दल सरकारी पैसे से अपना प्रचार कर रहा है या फिर ईमानदारी से लोगों को जागरूक कर रहा है। वो राजनीतक दल अपने कार्यकर्ताओं को ही विभिन्न संस्थाओं (Various institutions) में नियुक्त कर रहा है या फिर सबको पारदर्शी रूप से नौकरी में आने का अवसर दे रहा है।
चूक हुई तो लुट जाएगा देश का धन :
प्र.म. मोदी ने अपने भाषण में सरदार में वल्लभ भाई पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि सरदार पटेल जिस ब्यूरोक्रेसी को स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया कहा करते थे उसी ब्यूरोक्रेसी को उनकी अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना है। क्योंकि अब अगर ब्यूरोक्रेसी से चूक हुई तो देश का धन लुट जाएगा। टैक्सपेयर मनी तबाह हो जाएगा। देश के युवाओं के सपने चकनाचूर हो जाएंगे।

Editorial
Next Story
Related News
X
