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पवार और गौतम अडानी की मुलाकात से भूचाल
By EditorialPublished on
मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी (Industrialist Gautam Adani) शरद पवार (Sharad Pawar) से मुलाकात करने के लिए उनके मुंबई (Mumbai) स्थित आवास पर पहुंचे थे। यह मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली। कुछ दिन पहले ही शरद पवार ने एक बयान देते हुए कहा था कि गौतम अडानी मामले में JPC के जरिए जांच करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अब गौतम अड़ानी शरद पवार से मुलाकात करने पहुंचे थे। बंद कमरे में दोनों की हुई मुलाकात के बारे में अबतक अडानी या शरद पवार की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। इस मामले पर नेताओं द्वारा अलग अलग प्रतिक्रि
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मुंबई : मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी (Industrialist Gautam Adani) शरद पवार (Sharad Pawar) से मुलाकात करने के लिए उनके मुंबई (Mumbai) स्थित आवास पर पहुंचे थे। यह मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली। कुछ दिन पहले ही शरद पवार ने एक बयान देते हुए कहा था कि गौतम अडानी मामले में JPC के जरिए जांच करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अब गौतम अड़ानी शरद पवार से मुलाकात करने पहुंचे थे। बंद कमरे में दोनों की हुई मुलाकात के बारे में अबतक अडानी या शरद पवार की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। इस मामले पर नेताओं द्वारा अलग अलग प्रतिक्रिया दी गई है।
क्या बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
गौतम अडानी और शरद पवार के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर भाजपा प्रदेश (BJP state) अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जो बैठक हुई है उसको राजनीतिक नहीं लेना चाहिए। उन दोनों की बैठक को राजनीतिक (Political) अर्थ नहीं निकालना चाहिए। पूरी दुनिया को पता है कि शरद पवार और अडानी की मित्रता पूर्वक संबंध है। दोनों एक दूसरे के घर जाते हैं । इसका राजनीतिक अर्थ नहीं निकालना चाहिए और यह जगजाहिर है कि उनकी दोनों की मैत्री है। चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अडानी कोई विषय लेकर उनके घर जाएंगे। उनका संबंध मित्रता का है। मैत्रीपूर्ण संबंध को लेकर राजनीतिक सवाल नहीं उठाना चाहिए,
कांग्रेस ने क्या कहा..
इस मामले पर कांग्रेस पार्टी (Congress party) के पूर्व राज्यसभा सदस्य हुसैन दलवई ने कहा कि शरद पवार की अडानी के साथ मीटिंग को लेकर कोई दिक्कत नही है। क्योंकि उनके अडानी के साथ पहले भी संबंध रहे है। पवार साहब ने कभी नही कहा कि अडानी के खिलाफ JPC गलत है। उन्होंने कहा कि जेपीसी में सत्ता दल की भागीदारी ज्यादा होती है। लेकिन फिर भी विपक्ष जेपीसी की मांग करेगा तो वो विपक्ष के साथ रहेंगे। अडानी पवार साहब की मीटिंग पर उठ रहे सवालों का जवाब तो शरद पवार ही दे सकते है। सभी नेताओं के अपने हित होते हैं।
शरद पवार का मत
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) मामले पर शरद पवार ने कहा था कि गौतम अडानी मामले में जेपीसी की कोई आवश्यकता नहीं हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि मैंने कभी हिंडनवर्ग का नाम भी नहीं सुना है। शरद पवार ने ये भी कहा था कि उस कंपनी की रिपोर्ट पर कैसे भरोसा किया जाए। साथ ही उन्होंने जेपीसी यानी ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के खिलाफ भी स्टैंड लिया है।

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