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आचार्य यशोवर्म सूरीश्वर का बोईसर प्रवेश
By EditorialPublished on
जीवन को यदि सार्थक करना है, तो जीवन में बिखराव नहीं निखार लाये। उक्त विचार आचार्य यशोवर्म सूरीश्वर (Acharya Yashovarm Surishwar) मसा ने बोईसर प्रवेश के बाद व्यक्त किए। जैन उपाश्रय में आयोजित कार्यक्रम (Program) में उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में नम्रता और समर्पण का भाव जरूरी है।
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मुंबई : जीवन को यदि सार्थक करना है, तो जीवन में बिखराव नहीं निखार लाये। उक्त विचार आचार्य यशोवर्म सूरीश्वर (Acharya Yashovarm Surishwar) मसा ने बोईसर प्रवेश के बाद व्यक्त किए। जैन उपाश्रय में आयोजित कार्यक्रम (Program) में उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में नम्रता और समर्पण का भाव जरूरी है। नम्रता से आदमी आगे बढ़ता है। उन्होंने मानगांव से विहार कर बोईसर (Boisar) शहर में प्रवेश किया। कार्यक्रम में गुलाब जैन, मुकेश सोलंकी, चंदन सोलंकी, नाथूलाल मादरेचा, युगराज दोषी, महेंद्र सोलंकी, कांतिलाल इटोदिया, महावीर जैन, चमनलाल जैन, दिलीप राठौड़, राकेश खोखावत, कन्हैयालाल पामेचा, प्रकाश शाह, विकास संचेती, सुरेश दोषी, अनिल जैन, सुरेश कोठारी, नरेश जैन, जितेंद्र दोषी, रवि जैन, आनंद जैन, बसंतीलाल घाटावत, यशवंत लोढ़ा सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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