Composer Narendra Vanigota
मुंबई : रविवार रात मुंबई (Mumbai) से सटे ठाणे में पार्श्वप्रभु और भैरव भक्ति का आयोजन किया गया। इसमें संगीतकार नरेंद्र वाणीगोता (Composer Narendra Vanigota) एवं टीम ने गीतों व भजनों की अनवरत प्रस्तुति देकर भक्तों को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। वाणीगोता ने भक्ति की है रात दादा आज थाने आणो है, रुमझुम करता पधारो म्हारा भेरूजी, मंदिर सज गया प्यारा प्यारा दादा तुमको आना है, आवणो पड़ेला भेरू आवणो पड़ेला, भेरूजी लटियारा आदि भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को आध्यात्मिक रूप दिया। कार्यक्रम (Program) के पूर्व स्थान देवता व क्षेत्रपाल पूजा की गई। देवताओं की तस्वीरें विधि विधान व गाजे बाजों के साथ स्थापित की गई।
भेरुजी के लिए बना अस्थाई मंदिर...
भक्ति संध्या (Bhakti Sandhya) के पूर्व समारोह प्रांगण में भेरुजी के लिए अस्थाई मंदिर (Mandir) का निर्माण कराया गया जिसमें पार्श्वनाथ नाकोड़ा भैरव नाथ की प्रतिमाएं स्थापित कर प्रतिष्ठित किया गया। भक्ति संध्या तक निरंतर भेरूजी के मंदिर में ज्योति प्रज्ज्वलित होती रही।
इनकी रही उपस्थिति
मेवाड़ संघ अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़, महामंत्री महावीर तातेड, भारत जैन महामंडल (Bharat Jain Mahamandal) युवाध्यक्ष महेन्द्र पगारिया, मनीष सांखला, मेवाड एकता संघ अध्यक्ष दिलीप पगारिया, कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे, कोपरी नगरसेवक भरत चौहान, जितेंद्र इंदीसे, मुकेश सिंघवी, रतन कोठारी, विमल दुग्गड, महिला मंडल कोषाध्यक्ष विजयलक्ष्मी, भाडुप उपसंघ अध्यक्ष महेन्द्र पीपाड़ा, चेम्बूर अध्यक्ष बाबूलाल बडोला, नितेश नावेडिया, नानालाल सेठिया, कमलेश डांगी, विरेन्द्र सिंह चूण्डावत, भरत सिंह चूण्डावत, सुमन अग्रवाल, इंदुराव गडवे, मनीष सांखला, जितेन्द्र कुमार, राजू तापरिया, प्रमोद जाजू, मुकुन्द मनियार, प्रीति मनियार, रेखा बोल्या, मैना डांगी, अल्का सियाल, प्रियंका बोलिया, कैलाश बोलिया सहित लोगों की उपस्थिति रही।

ठाणे में एक शाम भैरव के नाम भक्ति संध्या में थिरके भक्त
इनका रहा योगदान
आयोजन से जुड़ी हुई विभिन्न व्यवस्थाओं में स्थानकवासी, तेरापंथ व मूर्तिपूजक समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी रही। सुशील बडाला महेंद्र चंडालिया पारस बेताला संजय कोठारी अशोक गेलड़ा विनोद तातेड गणेश वडाला गौतम बोहरा विनोद चंडालिया दिनेश खटवड करणसिंह बोलिया राजेंद्र बोलिया जितेश मारू ऋषभ टोडरवाल राजू आंचलिया दिलीप परमार पुखराज जैन विपिन तातेड कल्पेश चोरडिया सुनील खटोड़ संदीप आँचलिया अश्विन पोखरना दिलीप चोरड़िया संदीप पीपाड़ा राजू चंडालिया जितेन्द्र खरवड धीरज पोखरना चिराग मारू महेश छाजेड़ मुकेश सियाल पदम हिरण आशिष बोल्या नरेश सियाल पुष्कर आँचलिया रोनक दुग्गड मनीष जैन महावीर जगड़ावत विमल ओस्तवाल अशोक रांका पकंज जैन संजय दुग्गड पवन कोठारी रतन कोठारी भरत सावला महेश जैन अनिल सियाल पकंज नवलखा मुकेश डांगी अरविंद रांका मोहित तलेसरा अरिहंत जैन पारस चंडालिया कौशल चोरडिया सुरेश दुग्गड अमित बाफना मनीष जैन विशाल कच्छारा अंकुश बाफना अनूप बाफना चिराग तातेड़ विष्णु पाराशर विमल डांगी बळवंत बोल्या जोनू जैन भावेश बोल्या आशिष बडाला मयूर चंडालिया आदर्श मादरेचा प्रिन्स कच्छारा निलेश बोल्या सुनील सिसोदिया राजू जैन संदीप जैन चिरण डागलिया हरीश सियाल अनिल सियाल मनोज सिंघवी अमित सेठ कमलेश बाफना अंकुश गैलड़ा नवीन सामर तरुण सामर अतुल सुराना मनोज चंडालिया विकास ओस्तवाल अजित ओस्तवाल राजेश भंडारी प्रकाश श्रीश्रीमाल अमन कराड प्रवीण कराड विमल कुमठ यश पीपाड़ा राजू पटेल नरेश शाह नानालाल डूंगरवाल रतनलाल डूंगरवाल बाबूलाल डूंगरवाल सुन्दर सिंयाल सोहनलाल सियाल रवि सियाल रमेश सियाल नरेश सियाल बसंतीलाल सियाल जयप्रकाश सियाल जयन्तीलाल सियाल बाबूलाल सियाल प्रदीप सियाल हरिलाल सियाल मनोज सियाल सम्पतलाल नवलखा भगवतीलाल नवलखा कमलेश नवलखा किरण नवलखा गौतम नवलखा पूरण नवलखा सुशील नवलखा हरीश नवलखा प्रमोद सिंयाल सुनिल ढीलीवाल गणपत बनवट विनोद बाबेल लक्ष्मीलाल हिंगड़ करणसिंह परमार पवन बनवट विवेक बाबेल राहुल संचेती शुभम जैन सुशीला सियाल लीला सिंयाल लीला नवलखा विमला सियाल अर्चना सियाल पदमा हिंगड़ चन्दा परमार स्नेहा सिरोया मोनिका बनवट सरोज नवलखा खुशबु बाबेल नीलम संचेती त्रिशा सियाल मानवी सियाल मंजू ढीलीवाल खुशबू ओसवाल नीलम चोरड़िया पूनम वडाला प्रिया बागरेचा डिंपल जैन मोनिका चंडालिया सरोज पीपाड़ा सरोज खटवड़ आरती बाफना नीलम बाफना रत्ना पोखरना नीलम झगड़ावत रेनू जैन मिलन बेताला निहारिका पोसवाल दीपक नवलखा चिराग नवलखा जिनेश नवलखा मोहित नवलखा मयंक सियाल आयुष सियाल सिमरन सियाल विधिका जैन विधान जैन भाग्यश्री नवलखा ज्योति नवलखा आजाद बाबेल अमृत बाबेल मनीष लोढ़ा दीपमाला लोढा दरियाव संचेती प्रशांत संचेती ललित सहलोत आयुषी सिंयाल प्रकाश आंचलिया राज आंचलिया डोली संचेती आदि का सहयोग रहा।
आयोजक मंडल का हुआ विशेष अभिनंदन
भैरव भक्ति (Bhairav bhakti) आयोजित करवाने वाले विमल बोल्या महावीर डांगी व मनीष सियाल परिवार का दुपट्टा व स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नाकोड़ा भैरव भक्ति संध्या आयोजित कराने की एक लंबी परंपरा रही है और इसी कड़ी में ठाणे (Thane) में इन युवाओं ने कार्यक्रम का आयोजन किया है। भक्ति संध्या में मुंबई (Mumbai) के विभिन्न उपनगरों से महिला भक्तों की अच्छी उपस्थिति रही। आयोजन में पहुचे प्रत्येक भक्त को गेट पर लाल तिलक लगाया गया। विशेष मेहमानों के लिए अलग से स्टेज बनाया गया जहाँ सभी का सम्मान किया गया। भगवान शिव के अंशावतार माने जाने वाले भैरव नाथ की भक्ति में विघ्न ना हो उसके लिए भी अर्चना की गई।
Editorial

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