Gulabchand Kataria

उदयपुर : असम के राज्यपाल (Governor) गुलाबचंद कटारिया (Gulabchand Kataria) ने भाजपा (BJP) नेताओं व कार्यकर्ताओं को कहा कि इसका उसका स्वागत करने से कुछ नहीं होगा जिसके भाग्य में होगा उसे मिल जाएगा। कटारिया (Kataria) ने कहा कि एक-दूसरे के दुलत्ति मत मारो। साथ ही कटारिया ने कहा कि मैं असम में बैठकर सारी कटिंगें देखता हूँ कि उदयपुर में क्या हो रहा है। नगर निगम की मैकेनाईज पार्किंग का उद्घाटन करने गए कटारिया ने शहर विधायक की दौड़ में भाग रहे भाजपा नेताओं को खरी-खरी सुना दी।
शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार दावेदारी | कटारिया समय पर, कर रहे भाजपा नेता जयपुर (Jaipur) से दिल्ली (Delhi) तक की दौड़ लगा रहे है। साथ ही उदयपुर
(Udaipur)
आने वाले प्रदेश व खाली कुर्सियां को राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के आगे-पीछे घूम रहे है। हाल देख दिखाई घडी में आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष (Head of state) सीपी जोशी व पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के स्वागत को लेकर भी दावेदारों में होड़ मची रही। साथ ही वर्तमान में तीन गुट जो प्रबल दावेदार है उनमें भी आपस में जबरदस्त खींचतान है। इसी को लेकर उदयपुर आए असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भाजपा नेताओं को जमकर खरी-खरी सुना दी। कटारिया ने अपने भाषण में कहा कि आजकल स्वागत करने की होड़ मची है, जो आ रहा है उसका स्वागत किया जा रहा है। कटारिया ने कहा कि मैं रोज उदयपुर के समाचार पत्रों की कटिंग असम मंगवाता हूँ, इसका-उसका स्वागत करने से कुछ नहीं होगा, जिसके भाग्य में लिखा है उसे मिल जाएगा। कटारिया ने कहा कि किसे पता था कि गुलाबचंद राज्यपाल बन जाएगा, पर किस्मत में था तो बन गया। कटारिया ने कहा कि जो काम पार्टी ने दिया है उसे करों, एक-दूसरे को दुलत्ति मत मारो। साथ ही कटारिया ने कहा कि स्वागत करने से यदि टिकट मिलता तो दलपत सुराणा से कभी से मिल जाता। दलपत सुराणा ने क्या कम नेताओं का स्वागत किया था। कटारिया ने सुराणा
(Surana)
की तारीफ करते हुए कहा कि सुराणा अच्छे नेता थे, पर कुछ सिरफिरे लोगों ने उसे घूमा दिया ।
■ असम में बैठकर सारे अखबार की कटिंग मंगाता हूँ - कटारिया
■ कटारिया पहुँचे समय पर आधे घंटे तक खाली रही कुर्सियां
■ नेताओं का कार्यक्रम समझकर नहीं आए कार्यकर्ता

Governor Kataria
खुसर-पुसर, मंच पर दूसरे नेताओं को मौका क्यों नहीं
इधर कार्यक्रम के दौरान शहर के नेताओं में इस बात को लेकर खुसर-पुसर बनी रही कि मंच पर दूसरे नेताओं को मौका क्यों नहीं दिया गया। हालांकि इसके पीछे लोग राजनीतिक (Political) कारण बता रहे थे, पर कुछ लोगों का कहना था कि राज्यपाल का कार्यक्रम है तो कुछ तय प्रोटोकॉल भी है। कार्यक्रम में आखिर तक उदयपुर
(Udaipur)
सांसद अर्जुनलाल मीणा नहीं आए, जिसे लेकर भी खुसर-पुसर होती रही।
कटारिया समय पर, खाली कुर्सियां को देख दिखाई घड़ी
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सुबह 11 बजे निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए थे, पर इस दौरान आधी से अधिक कुर्सियां खाली थी। भाजपा कार्यकर्ता व नेता समय पर नहीं आए। करीब आधे घंटे तक कुर्सियां खाली रही। यहां तक की शहर भाजपा के नेता व शहर से दावेदार कर रहे अन्य नेता भी नहीं आए। यह देखकर चिंता कर रहे लोगों को कटारिया ने मंच से ही कि मैं समय पर हूँ। इसके बाद अपने भाषण में भी कहा कि कोई समय आए या ना आए मैं समय पर आ गया। मैने आयोजकों को कार्यक्रम शुरू करने के लिए कहा चाहे सामने कोई हो या ना हो। कटारिया ने हमने चार लोगों को भी भाषण दिया है और यदि कोई सामने ना भी हो तो भी भाषण दिया है।


Editorial

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