Acharya Yashovarma surishwarji ms
मुंबई । आज के दौर में बुद्धि की नहीं आत्म शुद्धि की जरूरत है। मानवता की जरूरत है। उक्त विचार बोईसर के समीप मानगांव में आचार्य यशोवर्म सूरीश्वर मसा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि धर्म से पहले मानवता दिल में होनी चाहिए। पहला उद्देश्य मां बाप की सेवा होनी चाहिए। पालघर से विहार कर मानगांव पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। महिलाओं ने सिर पर कलश ले गुरु वंदना की। उनके साथ वलसाड चातुर्मास को अग्रसर हो रही साध्वी तरूलता मसा आदि ठाणा 3 का आध्यात्मिक मिलन भी हुआ। कार्यक्रम में बोईसर संघ अध्यक्ष जयंतीलाल मादरेचा, पूर्व अध्यक्ष मुकेश सोलंकी, कांतिलाल इटोदिया, महेंद्र सोलंकी, सुरेश कोठारी, गौतम सोलंकी, मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष कन्हैयालाल पामेचा, पवन संचेती, लक्ष्मीलाल दोषी, अजय घाटावत, ललित भोगर, विनोद घाटावत, नंदलाल कोठारी, नरेश जैन, तनसुख चोरडिया, अरविंद भोगर, जीवराज मांडोत, चंद्रप्रकाश सोलंकी, प्यारचंद, प्रदीप लोढ़ा आदि उपस्थित रहे।
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