RPSC
उदयपुर : आरपीएससी (RPSC) भर्ती परीक्षा में पेपर लीक (Paper leak) प्रकरण की जांच कर रही एसओजी की टीम ने मंगलवार को आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। बाबूलाल कटारा और उसका भांजा विजय दोनों ही डूंगरपुर के रहने वाले हैं। विजय का पिता पुलिस हेड कांस्टेबल (Police head constable) होकर, पुलिस लाइन में चालानी गार्ड हैं। उदयपुर पुलिस ने बेकरिया थाना क्षेत्र में एक चलती बस में आरपीएससी के पेपर की नकल करते हुए एक गिरोह का पर्दाफाश किया था । इस प्रकरण में पुलिस (Police) ने गत दिनों गिरोह के सरगना शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा को गिरफ्तार (Arrested)
किया था। एसओजी की टीम द्वारा लगातार की गई पूछताछ के बाद शेरसिंह के कनेक्शन आरपीएससी सदस्य डूंगरपुर निवासी बाबूलाल कटारा से मिलने के मामले में एसओजी ने बाबूलाल कटारा को अजमेर से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले में एसओजी ने बाबूलाल कटारा के भांजे विजय डामोर को डूंगरपुर जिले के वागदरी से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कटारा के ड्राइवर गोपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
कई परीक्षाएं दे चुका है विजय
आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा का भांजा विजय डामोर एमए बीएड है और कई प्रतियोगी परीक्षा दे चूका है। विजय ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी दी थी, जिसमे लिखित परीक्षा में वो पास भी हो गया था, लेकिन शारीरिक परीक्षा में असफल _ रहा था। हालाकि विजय शिक्षक भर्ती परीक्षा में बैठा था या नहीं इस बारे में परिवार के लोग भी नहीं बता रहे हैं। विजय डामोर के अपने मामा आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से अच्छे सम्बन्ध थे ।
2 माह पूर्व ही हुई विजय की शादी
आरोपी विजय की दो माह पूर्व ही 22 फरवरी को शादी हुई थी और एक वर्ष पूर्व ही उसने वागदरी गांव में पक्का मकान बनवाया था। घर के आंगन में शादी का मंडप सजा हुआ था। आरपीएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के भांजे विजय डामोर के पिता ललित डामोर डूंगरपुर पुलिस में हैड कांस्टेबल हैं। फिलहाल विजय के पिता ललित पुलिस लाइन में चालानी गार्ड के पद पर तैनात हैं। वहीं बेटे की गिरफ्तारी का पता भी उन्हें साथी पुलिसकर्मियों (Policemen) ने दी। विजय के पिता ललित डामोर भी उनकी इस हरकत से अचंभित थे।
बेटे से सम्पर्क में नहीं है पिता
हैड कांस्टेबल ललित डामोर ने बताया कि 2 महीने पहले बेटे की शादी के बाद वह उनके संपर्क में नहीं था। डेढ़ महीने से वह घर भी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि बेटे के पेपर लीक में नाम आने को लेकर कुछ नहीं जानते हैं। बाबूलाल कटारा उनका मामा है । इसलिए वह मामा के पास आता जाता रहता था । वह उनके संपर्क में था।
टीआरआई का निदेशक रह चुका है बाबूलाल
ग्रेड टीचर (Grade teacher) के रूप में पहली नौकरी मिली थी। 3 बाबूलाल कटारा को 2 नवंबर 1987 को थर्ड साल बाद ही 1990 में आरपीएससी से अर्थशास्त्र व्याख्याता बन गया। अगले ही साल 1991 में जिला सांख्यिकी अधिकारी बाड़मेर में पोस्टिंग मिली। 2 साल तक रहने के बाद डूंगरपुर के जिला सांख्यिकी अधिकारी रहा। 1994 से 2005 तक विकास अधिकारी के रूप में सेवाएं दी। इसके बाद संयुक्त निदेशक सांख्यिकी सचिवालय में सेवाएं दी। मुख्य आयोजन अधिकारी के रूप में भी डूंगरपुर और राजसमंद में काम किया। वहीं 2013 में माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध और प्रशिक्षण संस्थान में निदेशक रहे। वहीं डूंगरपुर जिले में सितम्बर 2020 में शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर हुए कांकरी डूंगरी उपद्रव मामले में बाबूलाल कटारा ने उपद्रवियों और प्रशासन के बीच मध्यस्थता करवाई थी उसके एक महीने बाद ही 15 अक्टूबर 2020 को आरपीएससी मेंबर बनाया गया था।
Editorial

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