Accident

उदयपुर : शहर के समीप नाई थना क्षेत्र में अपने तीन मासूम बच्चों के साथ मंगलवार सुबह खेत में घास लेते जाते समय महिला की पांव फिसल जाने से बच्ची समेत कुएं में गिर गई। मां को कुएं में गिरता देख बचाने के प्रयास में दोनों बच्चे भी कुएं में कूद गए, जिससे चारों की डूबने से मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना पर नाई थाना व झाड़ोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से चारों के शवों (Dead bodies) को बाहर निकलवाया। सूचना पर जिला कलक्टर (District collector) एवं प्रशासनिक अधिकारी (Administration Officer) के साथ ग्रामीण विधायक भी मुर्दाघर पहुंचे और मृतक के परिजनों और पुलिस अधिकारियों से वस्तु स्थिति की जानकारी ली।
नाई थानाधिकारी श्याम सिंह रत्नु ने बताया कि गोडावन फला बछार मादड़ी निवासी नवली मीणा (32) पत्नी दीताराम मीणा अपनी तीन वर्षीय मासूम बेटी चंचल कुमारी को गोद में लेकर नौ वर्षीय बेटे अजय व छह वर्षीय बेटे मयंक के साथ खेत पर मवेशियों के लिए चारा लेने गई थी। चारा लेने जाते समय झाड़ोल रोड से बछार मार्ग पर जनजाति छात्रावास के वहां कुएं में पैर फिसल जाने से बच्ची समेत अंदर गिर गई। मां को अंदर गिरता देख दोनों बच्चों भी कुएं में कूद गए। वहीं प्रत्यशदर्शियों ने घटना को देखा तो तुरंत
पुलिस (Police) को सूचना दी। घटनास्थल (Crime scene) झाड़ोल थाने के समीप होने के कारण झाड़ोल थाना पुलिस पहले मौके पर पहुंची और बार में नाई थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और कुएं में चारपाई डालकर मां-बच्चों के शवों को बाहर निकलवाया। मौके की कार्रवाई कर चारों शवों को एमबी चिकित्सालय लेकर आए जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। शव को एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, तहसीलदार गिर्वा सुरेश नाहर, बछार पटवारी पंकज जोशी, नाई थाने के एएसआई
(ASI)
हरीराम ने जिला कलक्टर को घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया।

इसके बाद जिला कलक्टर ने अपने साथ आए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि दुर्घटना की रिपोर्ट तैयार कर भेजे ताकि मृतक के परिजनों को सहायता कोष से दुर्घटना बीमा के तहत राशि दिलाई जा सके। बताया गया कि मृतका का पीहर डोडावली में है। सूचना पर पीहर पक्ष भी मौके पर पहुंच गया। इस घटना के बाद मृतका का पति गोवन फला बछार निवासी दीताराम पुत्र कमजी गमेती घटना सुनने के बाद सुध-बुध खो बैठा। मुर्दाघर के बाहर फूट-फूट कर कर रो रहा था। जिला कलक्टर को घटना के बारे में बता नहीं पा रहा था। मृतक के भाई ने जिला कलक्टर (Collector) को घटना के बारे में बताया। नाई थाने के एएसआई हरी राम ने पति की रिपोर्ट पर चारों शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि पिछले लंबे समय से नवली मानसिक अवसाद चल रही थी आर इसका जगह-जगह पीहर पक्ष द्वारा इलाज करवाया जा रहा था।

प्रशासन ने उठाया अंतिम संस्कार का खर्चा -

उपखण्ड अधिकारी आईएएस सलोनी खेमका ने मुर्दाघर पहुंचकर पुलिस व परिजनों से घटना की जानकारी लेने के बाद भू- अभिलेख निरीक्षक गजेन्द्र कुमार टेलर को निर्देशित किया ि शवों को पैतृक गांव में पहुंचाने और अंतिम संस्कार के दौरान पूर्ण सहयोग करें।
Editorial

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