बछड़े का शिकार
उदयपुर : शहर से सटे बड़गांव ग्राम पंचायत के पालड़ी गांव में एक बछड़े का शिकार (Calf hunt) किया। पिछले सात दिनों से आदमखोर पैंथर (Panther) का जोड़ा गांव के समीप जंगलों में घूम रहा है, लेकिन वन विभाग उसे नहीं पकड़ पा रहे है।
पिछले तीन दिनों से पैंथर की सक्रियता फिर से बढ़ने से ग्रामीणों में डर बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार रात पालड़ी गांव पैंथर ने तोल सिंह के घर के बाहर बंधे गाय के बछड़े को मार डाला। दो दिन पहले भी दो पैंथर फतहसिंह के घर पास पहुंचा और बाड़े में घूसने का प्रयास किया था, लेकिन गायों के रंभाने की आवाज सुनकर लोग जाग गए और टॉर्च की रोशनी डाली तो बाहर दो पैंथर नजर आए । क्षेत्रवासी हरिसिंह ने बताया कि लोगों ने हल्ला किया तो पैंथर वहां से भाग गए, लेकिन बीती रात फिर से पैंथर के गांव में आने से लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही पैंथर ने यहां खेत में गेहूं की रखवाली कर रहे किसान फतहसिंह को मार डाला और उस किसान
(Farmer)
के शरीर का काफी हिस्सा भी पैंथर लगाकर पैंथर पकड़ने पर जोर दिया। इस खा गया था।
स्पेशल टीम लगाने की मांग
वन विभाग (Forest department) ने पैंथर को पकड़ने पिंजरे लगाए है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया बड़गांव सरपंच संजय शर्मा और पंचायत समिति सदस्य भुवनेश व्यास शनिवार को पालड़ी गांव पहुंचे। लोगों की परेशानी को देखते हुए गरासिया ने मौके से ही प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर पालड़ी क्षेत्र (Paldi area) में वन विभाग की स्पैशल टीम दौरान रामसिंह चदाणा, चट्टान सिंह सहित क्षेत्र के कई नागरिक मौजूद थे।
खेत पर जाने से कतराने लगे किसान
पालड़ी गांव में कई किसानों के खेतों में गेहूं की फसल पड़ी है। लोग थ्रेसर से गेहूं निकालना भी चाहते हैं, लेकिन पैंथर से किसानों में इतना भय व्याप्त हैं कि गेहूं निकालने के लिए कई लोग खेतों में जाने से भी कतराने लगे है। पैंथर के आंतक और डर से शाम होते होते इस गांव में सन्नाटा पसर जाता है।

Editorial

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