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कर्ण सिंह और एंटनी
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पिछले दिनों कांग्रेस (Congress) छोड़कर अलग पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद ने अपनी आत्मकथा का विमोचन किया। आजाद कांग्रेस के पुराने नेता रहे हैं तो लोगों को उम्मीद थी कि कम से कम उन्हें चाहने वाले कांग्रेसी तो वहां आएंगे। आजाद ने भी कांग्रेस के कई नेताओं को न्यौता भेजा था।

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पिछले दिनों कांग्रेस (Congress) छोड़कर अलग पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद (Nabi Azad) ने अपनी आत्मकथा का विमोचन किया। आजाद कांग्रेस के पुराने नेता रहे हैं तो लोगों को उम्मीद थी कि कम से कम उन्हें चाहने वाले कांग्रेसी तो वहां आएंगे। आजाद ने भी कांग्रेस के कई नेताओं को न्यौता भेजा था। मगर हुआ यह कि आत्मकथा विमोचन समारोह में कांग्रेस के बहुत कम पुराने साथी हिस्सा लेने आए। और तो और उनके जी-23 के पुराने साथी भी यहां कम ही दिखे। नामचीन चेहरों की बात करें तो एक जर्नादन द्विवेदी और दूसरे डॉ. कर्ण सिंह ही दिख रहे थे। जम्मू-कश्मीर से ही कांग्रेस के सीनियर नेता डॉ. कर्ण सिंह (Karan Singh)आजाद के साथ मंच पर भी मौजूद थे। इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने जहां कांग्रेस को लेकर कई तीर छोड़े तो कर्ण सिंह ने भी कांग्रेस के कई नेताओं के बारे में खुलकर बात की। सबसे दिलचस्प कहानियां यूपीए सरकार (Government) में रक्षा मंत्री एके एंटनी के बारे में सुनाई कि तब वह किस तरह से हर गुट से दूरी बनाकर चलते थे। एक तरफ एके एंटनी की ऐसी कहानी सामने आ रही थीं तो दूसरी ओर उसके अगले ही दिन उनके बेटे अनिल एंटनी भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि एंटनी ने अपने बेटे के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया ।

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