Vande Metro
नई दिल्ली : केंद्रीय रेल मंत्री (Union Railway Minister) अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने कहा कि देश के कई शहरों में सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) की शुरूआत के बाद रेल मंत्रालय कम दूरी के बड़े शहरों को भी मेट्रो रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे मेट्रो दिसंबर तक तैयार हो जाएगी । एएनआई से बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, वंदे मेट्रो (Vande Metro) को इस हिसाब से बनाया जा रहा है कि ट्रेनें 100 किलोमीटर से कम दूरी वाले शहरों में कई राउंड लगा सकती हैं यानी दिन में 4 या 5 बार चल सकती हैं। यह ट्रेनें बहुत ही आरामदायक और सस्ती है। वंदे मेट्रो ट्रेन दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि वंदे मेट्रो, वंदे भारत का एक अलग प्रारूप होगा।
नौकरीपेशा और छात्रों के समय की होगी बचत- अश्विनी वैष्णव
वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस को मिले रिस्पांस के आधार पर वंदे भारत मेट्रो चलाने की योजना तैयार की गई है। इससे नौकरी करने वालों और छात्रों के समय की बचत के साथ एक शहर से दूसरे शहर तक विश्व स्तरीय परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही ये लोकल ट्रेनों पर भीड़ के दबाव को कम करने में भी मदद करेगी।
प्र.म. मोदी ने कई क्षेत्रों को निर्यात का हब बनाया- रेल मंत्री
वहीं, हाई स्पीड ट्रेनों के निर्माण में तेजी लाने के लिए पहली बार तैयार किए गए हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक के बारे में जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा, पिछले नौ सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई क्षेत्रों को निर्यात का हब बनाया है।
चाहे वह रक्षा हो, आईटी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो, आज भारत इन सभी क्षेत्रों में एक बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत को रेलवे के लिए एक बड़े निर्यातक के रूप में उभरने के लिए टेस्टिंग ट्रैक का विकास जरूरी है। अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा, टेस्ट ट्रैक में कई सुविधाएं होती हैं जिनमें ट्रेन और सिग्नलिंग सिस्टम को अलग-अलग पैरामीटर्स पर टेस्ट किया जाता है। टेस्ट ट्रैक पर काम तेज गति से चल रहा है। इससे काफी फायदा होगा। आज वंदे भारत की काफी चर्चा हो रही है और इसमें आने वाले समय में भारत इसके निर्यातक के रूप में उभरेगा। इसके लिए जरूरी है कि टेस्टिंग और टेस्टिंग का सारा काम टेस्ट ट्रैक पर हो।

Editorial

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