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न्यूयार्क - 5 | राजस्थानियों के प्रति समर्पित अमेरिका में बैठा व्यक्ति
By EditorialPublished on
इसी बीच भारत से फोन आ गया तो सकुशल न्यूयार्क पहुँचने की सूचना दे दी। न्यूयार्क में पहले ही दिन जिस अभूतपूर्व तरीके से मेरा अभिनन्दन और अभिषेक होने वाला था उसकी तो मैं सपने में भी कल्पना नहीं कर सकता था। भारत (India) से फोन आ गया था इसका मतलब मेरा फोन चालू था। यहीं से जा नहीं रहा था। राजा की पत्नी क्रिस से मैंने पूछा तो उसने बताया कि इस इलाके के सभी लोग किसी भी टेलीफोन कम्पनी को अपने टावर यहां लगाने नहीं देते इस कारण नेटवर्क की समस्या हमेशा रहती है। मैं आश्चर्य चकित था कि अमेरिका जैसे उन्नत देश भी नेटवर्क सम

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