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राष्ट्रीय पार्टी दर्जा छिना, अब राज्यसभा सांसद का इस्तीफा
By EditorialPublished on
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को दो दिन में दो करारे झटके लगे हैं। एक ओर जहां बीते दिन चुनाव आयोग ने टीएमसी सहित एनसीपी (NCP) और सीपीआई (CPI) के राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा छीन लिया है तो वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से राज्यसभा सांसद रहे लुइजिन्हो फलेरो ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को दो दिन में दो करारे झटके लगे हैं। एक ओर जहां बीते दिन चुनाव आयोग ने टीएमसी सहित एनसीपी (NCP) और सीपीआई (CPI) के राष्ट्रीय पार्टी (National Party) होने का दर्जा छीन लिया है तो वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से राज्यसभा सांसद रहे लुइजिन्हो फलेरो ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि लगातार इस तरह के घटनाक्रम के चलते पार्टी बैकफुट पर आती दिख रही है। जिससे कि ममता बनर्जी की टेंशन बढ़ सकती है। वहीं बंगाल में होने वाले पंचायत चुनावों से पहले यह सब ममता बनर्जी के लिए बड़ा डेंट है। जिससे कि पार पा पाना ममता और टीएमसी के लिए इतना आसान नहीं होगा। हालांकि यह देखना बड़ी बात होगी कि ममता किस तरह से इस दंगल में खुद को साबित करने में कामयाब होती हैं।
तृणमूल से क्यों नाता तोड़ गए फलेरो ?
गोवा (Goa) के पूर्व सीएम रह चुके लुइजिन्हो फलेरो से ममता और टीएमसी के रिश्ते बीते कई समय से सही नहीं चल रहे थे। जिसके पीछे की बड़ी वजह पार्टी की गतिविधियों से फलेरो का दूरी बनाए रखना भी रहा। इसको लेकर ममता और फलेरो के बीच काफी तनाव था। पार्टी चाहती थी कि किसी भी तरह से फलेरो को विवश कर दिया जाए कि वे टीएमसी से खुद ही नाता तोड़ लें। या फिर यूं कहें कि टीएमसी की ओर से यह एक तरह का किया जाने वाला उकसावा था। जिसके चलते फलेरो और टीएमसी की दूरियां और भी बढ़ गई थीं।
गोवा चुनाव में फलेरो की टीएमसी को दो टूक :
गोवा विधानसभा चुनाव (Goa Assembly Elections) में फलेरो ने पार्टी के निर्देश को मानने से इनकार कर

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