✕
स्टैम्प पेपर विक्रेताओं की हड़़ताल हुई खत्म !
By EditorialPublished on
स्टैम्प पेपर (Stamp Paper) खरीदने को लेकर जारी किये गये एक नये नियम के विरोध में पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर गये स्टैम्प पेपर विक्रेताओं के संगठनों ने मंगलवार से अपनी हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। स्टैम्प पेपर नियंत्रक कार्यालय की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि इस नये नियम में बदलाव करते हुये अब स्टैम्प पेपर की खरीद के लिये खरीदार को खुद स्टैम्प पेपर बिक्री दुकान में जाने की जरूरत नहीं रहेगी और खरीदार अपने प्रतिनिधि के मार्फत भी स्टैम्प पेपर खरीद सकेंगे। इस आश्वासन के बाद यह हड़ताल वापस ली जा रही ह

x

मुंबई । स्टैम्प पेपर (Stamp Paper) खरीदने को लेकर जारी किये गये एक नये नियम के विरोध में पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर गये स्टैम्प पेपर विक्रेताओं के संगठनों ने मंगलवार से अपनी हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। स्टैम्प पेपर नियंत्रक कार्यालय की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि इस नये नियम में बदलाव करते हुये अब स्टैम्प पेपर की खरीद के लिये खरीदार को खुद स्टैम्प पेपर बिक्री दुकान में जाने की जरूरत नहीं रहेगी और खरीदार अपने प्रतिनिधि के मार्फत भी स्टैम्प पेपर खरीद सकेंगे। इस आश्वासन के बाद यह हड़ताल वापस ली जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, इसी मसले पर स्टैम्प पेपर विक्रेता संगठनों के साथ सोमवार को दोपहर तीन बजे मंत्रालय में एक बैठक भी हुई है जिसमें मुद्रांक नियंत्रक कार्यालय को संगठन की ओर से इस संबंध में एक प्रस्ताव दिया गया है।
गौरतलब है कि 21 फरवरी को अपर मुद्रांक कार्यालय ने एक परिपत्र जारी किया था। इस परिपत्र के अनुसार स्टैम्प पेपर खरीदने के लिये खरीदार को खुद हाजिर होने की जरूरत रहेगी और उसे ही संबंधित खरीद-बिक्री के रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर करना अनिवार्य है. इस नये नियम से बुजुर्ग नागरिकों, दिव्यांगजनों, बीमार मरीजों को खासी तकलीफ होने की बात कही जा रही है। इस नियम को रद्द करने तथा साथ ही कुछ अन्य नियम भी रद्द करने की मांग को लेकर मुंबई के स्टैम्प पेपर विक्रेताओं ने एक अप्रैल से हड़ताल कर दी थी। इसी हड़ताल के मद्देजनर अब स्टैम्प ड्यूटी एंड रजिस्ट्रेशन विभाग के महानिरीक्षक श्रावण हर्डीकर ने 5 अप्रैल को एक परिपत्र जारी कर अन्य किसी भी जिले के नागरिकों को अथवा कंपनियों, बैंकों, वित्तीय संस्थाओं को मुंबई और उपनगर जिलों में स्टैम्प पेपर खरीदने की सुविधा होगी, ऐसा स्पष्ट किया था और विवादित परिपत्र रद्द कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद नागरिकों को खुद मुद्रांक विक्रेता के समक्ष उपस्थित होकर रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर करना अनिवार्य होने का नियम बना हुआ था। यह परिपत्र रद्द नहीं किया गया था और इस वजह से गतिरोध भी कायम था। इन्हीं मसलों पर विभाग के साथ बातचीत करने और अपनी ओर से समाधान के तौर पर प्रस्ताव पेश करने के लिये विक्रेता संगठन और कार्यालय की एक बैठक सोमवार को हुई है। जिसके बाद मंगलवार से हड़ताल खत्म होने की पूरी उम्मीदें हैं।

Editorial
Next Story
Related News
X
