Electricity will be more expensive from April
नागपुर। महावितरण (Mahavitaran) ने एक अप्रैल से बिजली (Electricity) की दरों में भारी भरकम बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है। यह बढ़ोत्तरी मामूली न होकर पूरे 37 फीसदी की बताई जा रही है। बिजली आपूर्ति के मद में अदानी पॉवर (Adani Power) और जीएमआर समूह (GMR Group) के बकाया भुगतान के लिये यह दर वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
अदानी पॉवर तथा जीएमआर समूह की ओर से महावितरण कंपनी के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court) में दाखिल मुकदमे में महावितरण की काफी किरकिरी हुई थी। अदानी पॉवर (तिरोडा, गोंदिया) और जीएमआर (वरोरा, चंद्रपूर) ने यह मुकदमा जीत लिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने महावितरण कंपनी को दोनों कंपनियों को उनके बकाया हजारों करोड़ रुपये का भुगतान ब्याज और दंड के साथ करने का निर्देश दिया है। इस भारी भरकम बकाया भुगतान के लिये अब महावितरण के पास बिजली दर वृद्धि के सिवा कोई रास्ता नहीं है। जाहिर है बिजली की दरों में वृद्धि कर महावितरण इसका बोझ ग्राहकों के सर पर रखने को तैयार है।
उल्लेखनीय है कि महावितरण ने अदानी पॉवर को बकाया 10 हजार करोड़ रुपये की वसूली पहले ही ग्राहकों से कर ली है। अब एक बार ग्राहकों को कंपनी के बकाया भुगतान का बोझ उठाना पड़ेगा। ईंधन समायोजन शुल्क के अंतर्गत ग्राहकों से यह वसूली की जायेगी। इस बार गर्मी वैसे भी ज्यादा भीषण पडने के आसार हैं और ऐसे में दर वृदधि से ग्राहकों के पसीने से तर बतर होने की पूरी संभावना है।
अदानी पॉवर कंपनी का तिरोडा में 3300 मेगावाट प्रोजेक्ट है। इसी से महावितरण को बिजली की सप्लाई की जाती है। देश अंतर्गत किल्लत के चलते कंपनियों को कोयले की उपलब्धता में दिक्कत पेश आने के कारण अदानी समूह विदेश से कोयला आयात करना पड़ रहा था। यह कोयला देश में कोयले की कीमतों से कहीं अधिक महंगा पड़ता है। अदानी समूह ने इसीके चलते महावितरण से अधिक कीमत वसूली है जिसके विरुद्ध दाखल मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय ने भी अदानी और जीएमआर के पक्ष को जायज ठहराया है और अब महावितरण के पास बकाया भुगतान करना ही एक विकल्प बचा है।

Editorial

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