गोल्ड जूलरी के लिये अब 6 अंकों की हॉलमार्किंग अनिवार्य !
सोने और स्वर्ण जड़ित आभूषणों (Gold jewelery) की क्वालिटी में होनेवाली गड़बड़ी और ठगी को रोकने के लिये केंद्र सरकार (Central government) ने संबंधित आभूषणों की बिक्री के लिये छह अंको के कोड युक्त हॉलमार्क (Hallmarking) की अनिवार्यता लागू की है। एक अप्रैल से इस तरह के हॉलमार्क रहित आभूषणों की बिक्री पर पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है।


मुंबई : सोने और स्वर्ण जड़ित आभूषणों (Gold jewelery) की क्वालिटी में होनेवाली गड़बड़ी और ठगी को रोकने के लिये केंद्र सरकार (Central government) ने संबंधित आभूषणों की बिक्री के लिये छह अंको के कोड युक्त हॉलमार्क (Hallmarking) की अनिवार्यता लागू की है। एक अप्रैल से इस तरह के हॉलमार्क रहित आभूषणों की बिक्री पर पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है। इस निर्णय के बाद जूलरी कारोबारियों को अब सतर्क रहना होगा।
इस नये निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये सरकार (Government) ने देशभर में दस्ते तैनात किये हैं और कानून का उल्लंघन करनेवाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। केंद्रीय मंत्री (Central minister) पीयुष गोयल (Piyush Goyal) की अध्यक्षता में 3 मार्च को भारतीय मानक संस्था (Indian standards body) (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैण्डर्ड्स) की एक बैठक हुई थी जिसमें स्वर्णाभूषण कारोबार में आभूषणों की गुणवत्ता के स्तर का जायजा लिया गया। इसके पश्चात बैठक में यह निर्णय किया गया । एक अप्रैल से इस निर्णय का क्रियान्वयन किया जायेगा। केंद्रीय अन्न, ग्राहक व्यवहार और सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से एक इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया गया है और यह सुनिश्चित किया जायेगा कि देश के ग्रामीण इलाकों के छोटे - छोटे कारोबारियों द्वारा भी इस नियम का पालन किया जाये।
उल्लेखनीय है कि गोल्ड जूलरी की हॉलमार्किंग का मामला पहले ही चर्चा में रहा था। केंद्र ने पिछले साल इस बाबत निर्णय लागू किया था जिसका जूलरी कारोबारियों द्वारा विरोध किया जा रहा था। कारोबारियों का कहना था कि इसके लिये बुनियादी सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) मौजूद नहीं है। लिहाजा हॉलमार्किंग (Hallmarking) का नियम अभी अनिवार्य ना किया जाये। इसके बाद केंद्र की ओर से एक एक्शन रोडमैप तैयार किया गया था।

