Labor Facilitation

जयपुर : सिरोही जिला मुख्यालय पर गोयली रोड स्थित नवनिर्मित श्रमिक सुविधा (Labor Facilitation) एवं सूचना केन्द्र का लोकार्पण प्रदेश के श्रम कारखाना एवं बायलर्स निरीक्षण विभाग (स्वतंत्र) मंत्री सुखराम विश्नोई एवं मुख्यमंत्री सलाहकार एवं विधायक संयम लोढा ने किया। इस अवसर पर श्रम मंत्री ने कहा कि विधायक लोढा के प्रयासों से डीएमएफटी फंड से श्रमिक सुविधा एवं सूचना केन्द्र भवन का निर्माण हुआ है। इस भवन के निर्माण से श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है, इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर श्रमिकों को लाभांवित करें। उन्होंने कहा कि विगत 4 वर्षो में मुख्यमंत्री
(Chief Minister)
अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर श्रमिकों एवं आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित की है। उन्होंने समस्त जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आह्वान किया कि वे क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से लाभांवित करें ताकि योजनाओं की मंशा पूर्ण हो सके।
विश्नोई ने जानकारी देकर बताया कि विगत 4 वर्षो में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व विधायक लोढा के अथक प्रयासों से सिरोही जिले में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए है, लोगों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिले इसके लिए मेडिकल कॉलेज खोला गया, जहां अध्यापन कार्य प्रारंभ हो गया है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ही 50 करोड़ रूपए की लागत से जिला अस्पताल और 28 करोड़ रूपए की लागत से नर्सिंग कॉलेज बन रहा है। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिवगंज व कालंद्री में कन्या महाविद्यालय खोले गए है। सिरोही के महिला कॉलेज को क्रमोन्नत करवाया गया है। लॉ कॉलेज का नया भवन बनाया गया है। पिछले तीन सालों में 40 नए स्कूल तथा 15 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए है। बालिकाओं के उच्च प्राथमिक विद्यालयों को सीनियर सैकंडरी में क्रमोन्नत करवाया गया है। जवाई बांध से शिवगंज तहसील के गांवों को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 150 करोड़ रूपए की महत्वपूर्ण पेयजल योजना स्वीकृत करवाई गई है। विधायक लोढा ने इस अवसर पर सभी श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि इस भवन निर्माण से उन्हें काफी सुविधाएं मिलेगी। पूर्व में माकूल व्यवस्था नहीं थी, इसी दृष्टिकोण से डीएमएफटी फंड से इस भवन का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हित में काफी कार्य करने की जरूरत है। श्रमिक काफी समय बाद बेगार प्रथा एवं बन्धुआ मजदूर की बेड़ियों से बाहर निकले हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मजदूरों को शोषण से मुक्त करने के लिए श्रम कानूनों का सूत्रपात किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने श्रमिकों के हित के लिए श्रम कानूनों में जो किए है, श्रमिक उनको समझे और लाभांवित होंवे ।
लोढा ने आगे बताया कि श्रम उपकर की वसूली के लिए प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से श्रमिकों के कल्याण की योजनाओं में श्रम विभाग भुगतान नहीं कर पा रहा है।
Editorial

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