TMC

कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सागरदिघी विधानसभा (Assembly) में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने टीएमसी (TMC) को हराकर एक नया इतिहास रचा है। सागरदिघी सीट से टीएमसी को करीब एक दशक बाद सत्ता से बेदखल होना पड़ा है। कांग्रेस (Congress) के बायरन बिश्वास ने टीएमसी उम्मीदवार देबाशीष बनर्जी को 22 हजार से ज्यादा वोटों से मात दी है। उपचुनाव में हुई जीत से कांग्रेस में खुशी की लहर है तो वहीं इस हार से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamta Banerjee) बेहद खफा हैं। इसी बीच ममता बनर्जी ने कहा कि 2024 का चुनाव टीएमसी अकेले लड़ेगी।
सागरदिघी उपचुनाव में हार को लेकर ममता बनर्जी कांग्रेस की जीत को अनैतिक करार दिया। ममता ने आरोप लगाया कि माकपा के अलावा सबसे पुरानी (कांग्रेस) पार्टी ने तृणमूल
(Trinamool)
को हराने के लिए भाजपा के साथ समझौता किया। ममता ने कहा कि मैं उपचुनाव गंवाने के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं मानती हूं, लेकिन एक अनैतिक गठबंधन हुआ है और हम इसकी निंदा करते हैं।
'कांग्रेस खुद को भाजपा का विरोधी कहना बंद करे'
ममता ने कहा कि सागरदिघी में सभी ने सांप्रदायिक कार्ड खेला। भाजपा ने निश्चित रूप कार्ड खेला। हालांकि कांग्रेस, सीपीआई (एम) इस गेम में बड़े खिलाड़ी निकले। टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि कांग्रेस को भगवा पार्टी की मदद मांगने के बाद खुद को भाजपा विरोधी कहना बंद कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 के चुनावों में टीएमसी (TMC) अकेले चुनाव लड़ेगी। हम लोगों के समर्थन से लड़ेंगे। मेरा मानना है कि जो लोग भाजपा को हराना चाहते हैं, वे निश्चित रूप से टीएमसी को वोट देंगे।
'सभी मेरे खिलाफ लड़ेंगे तो भाजपा का मुकाबला कौन करेगा'
मीडिया को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी 2024 के चुनावों में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-लेफ्ट का गठबंधन होने के बाद भी भाजपा ने वोट ट्रांसफर किया और ये सब चुपचाप किया गया। ममता ने कहा कि अगर सभी मेरे खिलाफ लड़ेंगे तो भाजपा का मुकाबला कौन करेगा ? बनर्जी ने कहा कि कभी-कभी, लोकतंत्र (Democracy) में घटनाक्रम आमतौर पर सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। लेकिन, एक अनैतिक गठबंधन है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। भाजपा ने अपने वोट कांग्रेस को ट्रांसफर कर दिए।

Editorial

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