✕
मरीजों को किया जागरूक, इयरफोन, हैडफोन भी बन सकते हैं बहरेपन की वजह
By EditorialPublished on
वर्ल्ड हियरिंग डे के मौके पर एम्स जोधपुर (Jodhpur) की ओर से स्टूडेंट के लिए स्लोगन लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई । वही एम्स जोधपुर के ओपीडी में नुक्कड़ नाटक भी हुआ जिसमें मरीजों (Patients) को बहरेपन से बचाव के लिए जानकारी दी गई।

x

जोधपुर : वर्ल्ड हियरिंग डे के मौके पर एम्स जोधपुर (Jodhpur) की ओर से स्टूडेंट के लिए स्लोगन लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई ।
वही एम्स जोधपुर के ओपीडी में नुक्कड़ नाटक भी हुआ जिसमें मरीजों (Patients) को बहरेपन से बचाव के लिए जानकारी दी गई। एम्स टीम ने उमेद हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की कान जांच के लिए शिविर भी लगाया। साथ ही मरीज के परिजनों को बहरेपन से बचने के लिए उपयोगी जानकारी भी दी। एम्स के डॉक्टर (Doctor) अमित गोयल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को विश्व हियरिंग डे मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य दुनिया भर में श्रवण हानि के बारे में जनसाधारण में जागरूकता उत्पन्न करना और कान और सुनने की देखभाल को बढ़ावा देना है। गोयल ने बताया बहरेपन के कारणों को रोका जा सकता है। उनका इलाज किया जा सकता है।
अनुमान है कि प्रत्येक 2 में से एक युवक युवती सुनने संबंधी समस्या का शिकार हो सकते हैं। इसका प्रमुख कारण तेज आवाज पर म्यूजिक बजाना, मोबाइल फोन का प्रयोग करना, हेडफोन ईयररफोन का लंबे समय तक यूज करना और ज्यादा दिनों तक लाउडस्पीकर के समीप रहने से इस तरह की समस्या हो सकती है।
इसकी वजह से कान में संक्रमण भी हो सकता है। इससे बचने के लिए ज्यादा समय तक ईयर फोन और हेडफोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।

Editorial
Next Story
Related News
X
