Video conference

जयपुर : जयपुर (Jaipur) डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक ( Discom Managing Director) आर. एन. कुमावत ने डिस्कॉम में कृषि कनेक्षन जारी करने व राजस्व वसूली में फरवरी माह तक हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लम्बित कृषि कनेक्शन (Agriculture connection) तय समय के अनुसार जारी करने के साथ ही राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चालू वित वर्ष की बकाया राशि के साथ ही डी.सी. व पी.डी.सी. उपभोक्ताओं से भी बकाया राशि की वसूली के लिए भी लगातार प्रयास करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी और संतोषजनक परिणाम नही देने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रबन्ध निदेशक कुमावत ने शुक्रवार 3 मार्च को वीडियो कान्फेन्सिंग के माध्यम से सर्किल अधीक्षण अभियन्ताओं से एआरसी पर कृषि कनेक्षन जारी करने के लिए आवश्यक सामान की आवश्यकता एवं उपलब्धता और एआरसी व टर्नकी पर जारी किए जाने वाले कृषि कनेक्शनों की फरवरी माह तक हुई प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कनेक्शन जारी करने की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी अधीक्षण व संभागीय मुख्य अभियन्ताओं को निर्देश दिए कि इस कार्य को गति प्रदान करते हुए निर्धारित लक्ष्य को तय समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है और इसको सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की कोई समस्या आ रही हो अथवा सामान की उपलब्धता की कोई दिक्कत हो तो उससे अवगत कराया जाए, उसका समाधान किया जाएगा लेकिन कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।
राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रबन्ध निदेशक कुमावत ने कहा कि राजस्व वसूली का कार्य केवल मार्च माह का ही नही है बल्कि 12 महिने काम करना पड़ेगा तब शत-प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि अब यह नही चलेगा कि मार्च में शेष बकाया राशि की वसूली हो जाएगी बल्कि प्रत्येक माह निर्धारित राशि की पूरी वसूली सुनिश्चित की जाए। बिजली की बकाया राशि जमा नही कराने वाले उपभोक्ताओं को निगम नियमों के प्रावधान के अनुसार निर्धारित अवधि का नोटिस जारी किया जाए और फिर भी उपभोक्ता बकाया राशि जमा कराता है तो कनेक्षन काटने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि चालू वित वर्ष की बकाया राशि के साथ ही डी.सी. व पी. डी. सी उपभोक्ताओं पर बकाया राशि की वसूली भी करनी है।
Editorial

Editorial

Next Story