Fake bank accounts
मुंबई : ऑनलाइन ठगी (Online fraud) करनेवालों के लिये फर्जी बैंक खाते खोलकर करोड़ों की नकदी जमा करने के लिये ये खाते मुहैया कराने वाले और बदले में कमिशन (Commission) लेने के आरोप में बांगुर नगर पुलिस ने एक 22 साल के युवक को गिरफ्तार (Arrested) किया है। आरोपी ने मालाड में एक बैंक में दो खाते फर्जी दस्तावेजों के जरिये खोले थे। इन बैंक खातों में पिछले तीन महीनों में करोड़ों का लेन-देन किया गया है। इस मामले में फिलहाल दो आरोपी फरार है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक का नाम चंद्रप्रकाश वैष्णव है। यह पूरा फर्जीवाडा तब उजागर हुआ जब एक गैर लाभकारी सरकारी (Government)
संगठन बैंक पर जुर्माना लगाया। नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने सदस्य बैंक इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक पर 10.96 लाख का जुर्माना ठोका है। यह जुर्माना बगैर सत्यापन किये करोड़ों के यूपीआई लेनदेन की अनुमति देने के लिये लगाया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में बैंक में फर्जी तरीके से खोले गये दो चालू खातों में हजारों प्रविष्टियां पाई गई हैं जिनके जरिये करोड़ों का लेनदेन किया गया है। एनसीपीआई को दो ट्रैवल एजेसिंयों (Travel agencies) स्काय ब्राइट ट्रैवल्स और लाइफ एंड ट्रैवल के खातों में यूपीआई (UPI) लेनदेन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन खातों को भी तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।
इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं संस्था के क्षेत्रीय संचालन प्रबंधक संतोष म्हात्रे के मुताबिक जांच में पता चला है कि दोनों खातों के लिये जमा गुमास्ता लाइसेंस जाली हैं। ये खाते राजन कुमार और अमित बलराज (Amit Balraj) के नाम से खोले गये थे। इन बैंक खातों को खोलने के आरोप में पुलिस ने अभी चंद्रप्रकाश वैष्णव नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पुलिस को दो फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस उपायुक्त अजयकुमार बंसल (Ajay Kumar Bansal) और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Senior police inspector) प्रमोद तावडे, पुलिस निरीक्षक विवेक तांबे ने इस मामले की जांच शुरु की और वैष्णव को शनिवार को गिरफ्तार किया है।
जांच में पता चला है कि वैष्णव मूलत: राजस्थान के भीलवाडा जिले का रहनेवाला है और पिछले दो सालों से ऑनलाइन ठगी करनेवालों बदमाशों के लिये फर्जी बैंक खाते खोलने का काम कर रहा था। इसके अलावा वह किराये के दफ्तर और गुमास्ता लाइसेंस भी मुहैया कराया करता था। हर बैंक खाते पर उसे 60 हजार का कमिशन मिलता था। वैष्णव से पुलिस को दो फरार आरोपियों की जानकारी मिलने का भरोसा है।
Editorial

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