Babulnath Shivling
मुंबई : मशहूर बाबुलनाथ शिव मंदिर (Babulnath Shiv Mandir) में शिवलिंग (Shivling) पर पड़ रही दरारों की पड़ताल कर आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) ने इस बाबत अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, शिवलिंग पर फिलहाल कोई दरार या टूट की बात नहीं है। हालांकि रिपोर्ट (Report) में यह सुझाव दिया गया है कि शिवलिंग और प्रतिमाओं पर अर्पित किये जानेवाले दूध की मात्रा को नियंत्रित किया जाना चाहिये वर्ना निकट भविष्य में इससे प्रतिमाओं और शिवलिंग को नुकसान पहुंच सकता है।
मंदिर में भगवान शिव और भगवान गणेश की प्रतिमायें क्रमश: ग्रेनाइट और मार्बल चट्टानों से निर्मित हैं। इन पर अर्पित सामग्री और चढ़ावे से इन प्रतिमाओं में लंबे समय में दरार पड़ने की पूरी संभावना है। रिपोर्ट
(Report)
में इस आशंका को बयान करते हुये प्रतिमाओं और शिवलिंग पर अर्पित सामग्री की मात्रा को जहां तक संभव हो नियंत्रित करने की सलाह दी गई है ताकि प्रतिमायें और शिवलिंग अधिक समय तक सुरक्षित रह सकें। आईआईटी (IIT) की सिफारिश के मुताबिक चढ़ावे अंतर्गत रिसाव योग्य सामग्री का समावेश तत्काल रोक देना चाहिये ताकि यह पत्थर के अंदर टूट और दरार पैदा ना कर सके। अगर इसी तरह से सामग्री इन प्रतिमाओं पर चढाई जाती रही तो वक्त के साथ प्रतिमाओं में दरार पैदा हो सकती है। गौरतलब है कि मंदिर करीब 350 साल पुराना है और इतने लंबे वक्त के कारण इस पर मौसम का असर देखने को मिल रहा था। यही वजह है कि मंदिर अधिकारियों ने इसकी जांच के लिये आईआईटी से संपर्क किया था।
Editorial

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