H3N2 and Corona

मुंबई : एक तरफ कोरोना ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है, दूसरी तरफ इन्फ्लूएंजा ए यानी एच3एन2 (H3N2) ने भी हाहाकार मचाना शुरू कर दिया है। गुरुवार (Thursday) को महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे में भी एच3एन2 से एक मरीज की मौत की खबर सामने आई। प्राप्त जानकारियों के मुताबिक मरीज की उम्र 79 साल थी। बुजुर्ग मरीज को एच3एन2 के साथ-साथ कोरोना भी था। ठाणे में एच3एन2 से मौत का यह पहला केस है। ठाणे (Thane) के ग्रामीण क्षेत्र में कोविड (Covid) से भी एक मौत होने की वजह से महाराष्ट्र का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। ठाणे में कोविड का प्रभाव लगभग खत्म हो गया था लेकिन पिछले कुछ दिनों से मुंबई और पुणे की तरह ठाणे में भी कोरोना
(Corona)
का संक्रमण तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। इस समय ठाणे जिले में ऐक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 289 है। इनमें से 187 केस ठाणे महानगरपालिका (Municipal Corporation) क्षेत्र के ही हैं। लेकिन एक राहत की बात यह है कि इनमें से सिर्फ 11 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत महसूस हुई। बाकी मरीजों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है।
महाराष्ट्र समेत 8 राज्यों में इन्फ्लूएंजा (Influenza) और कोविड इंफेक्शन (Covid infection) से अलर्ट हुआ नेशन
महाराष्ट्र समेत देश के आठ राज्यों में कोरोना (Corona) ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। यह बात भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय से साफ कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया है कि भारत में अब रोज कोरोना के 966 के करीब मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव रेट भी जो फरवरी के दूसरे हफ्ते में 0.09 फीसदी थी, वो अब बढ़ कर 1 फीसदी हो गई है। यानी अब जरूरत संभल जाने की है। सतर्क होने की है। बता दें कि बुधवार को कोरोनी और एच3एन2 के बढ़ते खतरे को देखते हुए पीएम मोदी ने एक अहम बैठक भी की। जिन आठ राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं उनमें महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडू, दिल्ली
(Delhi)
, हिमाचल (Himachal) और राजस्थान (Rajasthan) शामिल हैं।
बीमारी दो, सुरक्षा के तरीके एक, सतर्कता से पालन करें,वरना हो जाएगी लेट
लेकिन एक समझदारी और सुकून की बात यह है कि एच3एन2 और कोविड से सुरक्षा के लिए डॉक्टरों ने जो लक्षण और उपाय बताए हैं, वे करीब-करीब कॉमन हैं। दोनों में खांसी, सर्दी, बुखार, थकावट, बदन दर्द और गले में खसखस के लक्षण सामने आते हैं। दोनों से बचने के लिए उपाय भी एक जैसे हैं। इनसे बचने के लिए मास्क लगाने और हाथों को साबुन से बार-बार धोने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा भीड़-भाड़ से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। सार्वजनिक (Public) ठिकानों पर थूकने से मना किया गया है। पोषक आहार
(Nutritious diet)
और भरपूर नींद लेने की सलाह दी गई है। बिना डॉक्टर (Doctor) की सलाह लिए दवाइयां लेने से मना किया गया है। अगर इन सुझावों का पालन किया जाए तो बहुत हद तक इस बढ़ते हुए खतरों से बचा जा सकता है।
Editorial

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