Medical store license
मुंबई : फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा मुंबई में स्थित 1185 मेडिकल स्टोर (Medical store) में छापा मारा उसमें से बड़ी मात्रा में अवैध दवाओं का बिक्री करने वाले 78 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस (Medical store license) रद्द किए गए हैं और फार्मासिस्ट (Pharmacist) बिना दवाओं की विक्री करने के मामलों में 365 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस सस्पेंड (License suspended) किए जाने की जानकारी मिली है। मुंबई एफडीए द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई में दवा दुकानदारों में घबराहट व्याप्त हो गई है।
मुंबई एफडीए (Mumbai FDA) के अधिकारी ने बताया कि मुंबई में रूटीन चेकिंग करते समय पता चला कि मेडिकल स्टोर चलाने के लिए फार्मासिस्ट का लाइसेंस जरूरी होने के साथ जिसके नाम पर लाइसेंस लिया गया हो वह व्यक्ति मेडिकल स्टोर
(Medical store)
में उपस्थित रहना चाहिए। जांच में पता चला कि अनेक मेडिकल स्टोर में लाइसेंस किसी दूसरे के नाम का था और मेडिकल स्टोर दूसरा कोई चला रहा था। इसके अलावा डॉक्टर (Doctor) के प्रिसक्रिप्शन (Prescription) बिना कुछ दवाएं नहीं दे सकते हैं फिर भी ऐसी दवाओं की बिक्री की जा रही थी। एफडीए के अधिकारी ने बताया कि मुंबई के बाद अब पूरे महाराष्ट्र में इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। एफडीए के असिस्टेंट कमिश्नर (Assistant commissioner) गौरीशंकर वायले (Gaurishankar Vayle) ने कहा कि हमें शिकायत मिली है कि कुछ लोग करार करके फार्मासिस्ट से लाइसेंस खरीद लेते हैं और मेडिकल स्टोर चला रहे हैं। ऐसे मेडिकल स्टोर में वह फार्मासिस्ट्स को भागीदार पाटनर बताते हैं। मेडिकल स्टोर में लाइसेंस लटका देते हैं लेकिन फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं होता है । एफडीए ऐसी एक कार्रवाई में बताया कि कुछ लोग राजस्थान की एक यूनिवर्सिटी में पढ़े बिना या परीक्षा दिए बिना डी फार्मा की डिग्री ले लेते हैं। ऐसे लोग मेडिकल स्टोर चलाने के लिए बड़ी रकम देते हैं।
मुंबई के बाहर ठाणे, रायगढ़ इत्यादि शहरों में बड़ी मात्रा में ऐसी नकली फार्मा डिग्री के आधार पर मेडिकल स्टोर चलाई जा रही है। इससे जिन लोगों ने 4 वर्ष फार्मा की पढ़ाई कर डिग्री ली हो उन्हें काम नहीं मिलता है । पनवेल, कामोठे, खारघर इत्यादि क्षेत्रों में ऐसे दुकानदार बड़ी मात्रा में है, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
Editorial

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