Fake Raid
मुंबई :एक अग्रणी कारोबारी के दफ्तर में फर्जी छापेमारी (Fake Raid) कर 11 लाख रुपये की लूट को अंजाम देनेवाले तीन जीएसटी (GST) अधिकारियों हितेश वसईकर, मछिंद्र कांगणे और प्रकाश शेगर की गिरफ्तारी (Arrest) और निलंबन (Suspension) की कड़ी कार्रवाई के बाद जीएसटी अधिकारियों का मानना है कि इससे विभाग पर जनता का भरोसा फिर से जमेगा।
एलटी मार्ग पुलिस (Police) ने 17 सितंबर 2021 को तीन जीएसटी इंस्पेक्टर्स (GST Inspectors) और एक अन्य शख्स को गिरफ्तार किया था। इन पर ठगी और वसूली का गंभीर आरोप था। आरोप के मुताबिक, तीनों जीएसटी अधिकारियों ने अपने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर कालबादेवी में एक बिजनेसमैन के यहां 14 जुलाई 2021 को एक छापेमारी की कार्यवाही की थी। आरोपी
(Accused)
कारोबारी लालचंद वानीगोटा के दफ्तर में दाखिल हुये थे और दफ्तर में मौजूद तमाम नकदी और संबंधित जीएसटी कागजात पेश करने की मांग की थी। आरोपियों ने अपना परिचय जीएसटी अधिकारियों के तौर पर देते हुये इसे विभागी की ओर से छापेमारी की कार्यवाही बताया था। कर्मचारियों ने अधिकारियों के सामने 30 लाख रुपये की नकदी लाकर रख दी थी जिसमें से आरोपियों ने 11 लाख रुपये ले लिये। जीएसटी विभाग में जमा करने के नाम पर यह रुपये लिये गये और आरोपी वहां से चलते बने। इसके बाद जब कारोबारी लालचंद मझगांव में जीएसटी दफ्तर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि ऐसी कोई कार्यवाही विभाग की ओर से नहीं की गई है। कारोबारी ने फिर एलटी मार्ग पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त और धरपकड़ हुई थी। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई थी। साथ ही आरोपियों को निलंबित कर दिया गया। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इससे आम जनता में विभाग के प्रति विश्वास फिर से कायम होने में मदद मिलेगी।
Editorial

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