Railway Protection Force
जयपुर : रेलवे सुरक्षा बल (Railway Protection Force) रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी 24 x 7 तत्पर है। उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) प्रशासन द्वारा रेल सम्पत्ति एवं रेल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये विशेष अभियान चलाये जा रहे है । जिसमें फरवरी माह में 39 महिलाओं/बच्चों को परिजनों / एनजीओ/पुलिस तक पहुंचा कर सकुशल सुपुर्द किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेल सुरक्षा बल द्वारा रेलवे परिसर में विशेष अभियान चलाकर रेल सम्पत्ति, रेल यात्रियों एवं रेलकर्मियों की सुरक्षा के विशेष प्रबन्ध किये गये है। इसके साथ ही रेल सुरक्षा बल द्वारा यात्री मित्र बूथ का संचालन भी किया जा रहा है, जो जरूरतमंद यात्रियों को वांछित जानकारी उपलब्ध करा रहा है। फरवरी माह के दौरान रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 897 यात्रियों को यात्री मित्र बूथ के माध्यम से सहायता प्रदान की गई 10 यात्रियों को व्हील चेयर की सुविधा प्रदान की गई एवं 07 बीमार यात्रियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई गई।
रेलवे सुरक्षा बल (North Western Railway) द्वारा फरवरी माह के दौरान अभियान चलाकर रेल सम्पति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत कुल 11 मामले पंजीकृत हुए, जिनमें 17 बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये है तथा बरामद सम्पत्ति का मूल्य रू 33,830 है। इसके साथ ही रेल अधिनियम के तहत अभियान चलाकर कुल 2055 व्यक्तियों को विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत मामले दर्ज कर अभियोजित किया गया, जिनसे 2,58,785 रू० जुर्माना राशि वसूल की गई। इसके अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल द्वारा फरवरी माह में गाड़ियों व रेल परिसर में छूटे गये सामान के 108 मामलों में लोगों को सामान सुपुर्द किया गया। इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यात्रियों के सामान के 14 मामलों में लोगों को पकड़कर जीआरपी/पुलिस को सुपुर्द किया ।
महाप्रबन्धक (General manager) उत्तर पश्चिम रेलवे विजय शर्मा के कुशल दिशा-निर्देशानुसार रेलवे स्टेषनों एवं रेल सम्पत्ति की सुरक्षा के लिये रेल सुरक्षा बल द्वारा निरन्तर विशेष अभियान चलाये जा रहे है । जिसमें रेलवे परिक्षेत्र में होने वाली गैर-कानूनी घटनाओं में निरन्तर कमी आ रही है ।
Editorial

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