Fatehsagar

उदयपुर : भारतीय परिधान, संस्कृति से सराबोर मेवाड़ की आन-बान-शान पगड़ीयों से फतहसागर (Fatehsagar) सप्तरंगी नजर आ रहा था। छोटा हो या बड़ा हर एक के सिर पर पगड़ी थी । कत्थक नृत्यों की धूम मची हुई थी। अवसर था नव संवत्सर कार्यक्रम अन्तर्गत अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति द्वारा फतहसागर देवाली छोर पर आयोजित भारतीय परिधान उत्सव (Indian Apparel Fest), पगड़ी सजाओं प्रतियोगिता की प्रस्तुतियों का ।
कार्यक्रम (Program) की अध्यक्षता अखिल भारतीय नववर्श समारोह समिति (All India New Year Celebration Committee) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने की। मुख्य अतिथि महापौर गोविन्द सिंह टॉक थे। विशिष्ट अतिथि भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक लइक हुसैन, आकाशवाणी के निदेशक महेन्द्र लालस, गोपाल शर्मा, जयंत शर्मा, तुषार मेहता, तेजवीर सिंह झाड़ोल, निर्मल सिंघवी, गोपाल शर्मा, डॉ भरत जैन थे। पगड़ी सजाओं में 12 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को जो पगड़ी पहनकर आए उनको प्रमाण पत्र दिये गये । अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्ध कत्थक आश्रम की बालिकाओं द्वारा डॉ. चन्द्रकला चोधरी के सानिध्य में विशेष प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर विक्रमादित्य अलंकरण से डॉ. चन्द्रकला चोधरी, प्रियांशी जोशी प्रियंका चोबीसा, सेजल सुहालका, वैदेही दशोरा, कौमुदी मोहाले, केजल वर्मा, अनन्या सरूपरिया, निश्ठा सेठ, पूर्वी अग्रवाल, जितेश कुमावत, पुनीत सुखववाल, सवाई सिंह गुर्जर, देवेन्द्र पालीवाल, प्रकाश विश्नोई, मदन पालीवाल, धर्मिष्ठा कुंवर, जगदीश सिंह आशिया, नरेन्द्र खटीक, अनुसूइया रावल, सत्यनारायण तिवारी, चन्दा पुष्करणा, संगीता श्रोत्रिय, पुश्करराज सिंह राणावत, वन्दना दुआ, मीनू बिश्ट, ललित सनाढ्य, मोहन सिंह, गोपेश शर्मा, ललित नागदा, संगीता भटनागर, मीनाक्षी शर्मा, तरूणा चक्रवर्ती, बुलबुल भाई को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी पगड़ी 280 मीटर प्रदर्शित की गई। जगदीश पटवा और प्रिंस राठौड़ द्वारा पगड़ीया प्रदर्शित की गई। मंगलवार को एकलिंग जी से विक्रमादित्य संस्कृति चेतना यात्रा निकलेगी। गंगा आरती से पूर्व एकलिंग जी से पवित्र ज्योति लाकर स्थापित कर विक्रमादित्य संस्कृति चेतना यात्रा प्रारम्भ होगी । गणगौर घाट पर भव्य नृत्य सांस्कृतिक प्रस्तुतिया देकर विक्रम संवत 2079 को विदा किया जायेगा ।
Editorial

Editorial

Next Story