Will BJP-TDP together pave the way? JP Nadda

नई दिल्ली (एजेंसी)। भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के एक ट्विट से आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में राजनीतिक कयासबाजी तेज हो गई है । नड्डा ने पोर्ट ब्लेयर म्युनिसिपल काउंसिल (PBMC) में भाजपा और टीडीपी (BJP-TDP) गठबंधन को जीत पर बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- भाजपा-टीडीपी गठबंधन को पोर्ट ब्लेयर म्युनिसिपल काउंसिल में जीत की बधाई । पोर्ट ब्लेयर के लोगों के लिए आपका समर्पण और कड़ी मेहनत रंग लाई और यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के विजन में लोगों के भरोसे का प्रमाण है।
दरअसल उस दिन टीडीपी (TDP) सदस्य पोर्ट ब्लेयर म्युनिसिपल काउंसिल की चेयरपर्सन चुनी गई। चुनाव तो पिछले साल ही हो गए थे। पिछले साल हुए काउंसिल चुनाव में 22 वॉर्ड में से 10 वॉर्ड भाजपा जीती और 2 वॉर्ड टीडीपी जीती। 11 सीट कांग्रेस- डीएमके गंठबंधन
(Congress- DMK Alliance)
को मिली और एक निर्दलीय को तब टीडीपी किंग मेकर की भूमिका में आई और भाजपा और टीडीपी ने गठबंधन किया। तय हुआ कि 1 साल भाजपा का चेयरपर्सन रहेगा उसके बाद टीडीपी का और आखिरी दो साल फिर भाजपा का । इसी फॉर्मूले के तहत मंगलवार को टीडीपी की चेयरपर्सन चुनी गई। ये टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) के ट्वीट से साफ होता है। नायडू ने ट्वीट करते हुए टीडीपी सदस्य को भाजपा के साथ गठबंधन में चेयरपर्सन चुने जाने पर बधाई दी। साथ ही लिखा कि उनका चेयरपर्सन पद पर अपॉइंटमेंट दिखाता है कि लोगों को विकास के लिए इस गठबंधन ( भाजपा- टीडीपी) पर भरोसा है।
इसके बाद से ही आंध्र प्रदेश की राजनीति में कयाबाजी शुरू हो गई। अगले साल आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं । इसे लेकर चर्चा चल रही है कि क्या अब भाजपा और टीडीपी फिर गठबंधन करेंगे। इसे लेकर सोशल मीडिया में टीडीपी समर्थक काफी उत्साहित दिख रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष के ट्वीट को कोट करते हुए वह लिख रहे हैं कि अब टीडीपी-भाजपा मिलकर आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी को हराएंगे। आंध्र प्रदेश में अभी वाईएसआरसीपी की सरकार है। पिछले विधानसभा चुनाव में टीडीपी को हराकर वाईएसआरसीपी सत्ता में आई। भाजपा आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक सीट भी नहीं जीत पाई थी।
2014 का लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) भाजपा और टीडीपी साथ मिलकर लड़े थे और टीडीपी एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) का हिस्सा थी । लेकिन 2018 में आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस के मुद्दे पर चंद्रबाबू नायडू एनडीए से अलग हो गए। लेकिन पिछले कुछ वक्त से इस बात के कयास लगने तेज हो गए कि क्या फिर टीडीपी और भाजपा साथ आ सकते हैं। हालांकि भाजपा के नेता कई मौकों पर साफ कह चुके हैं कि यह संभव नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश के सह-प्रभारी सुनील देवधर (Sunil Deodhar) ने कहा कि आंध्र प्रदेश में भाजपा और जन सेना साथ हैं और हमारी टीडीपी और वाईएसआरसीपी (YSRCP) से समान दूरी है। हमारा टीडीपी से गठबंधन की कोई भी संभावना नहीं हैं। भाजपा आंध्र प्रदेश में टीडीपी और वाईएसआरसीपी दोनों के खिलाफ लड़ रही है और मजबूती से खड़ी हो रही है। भाजपा के एक दूसरे नेता ने कहा कि पार्टी के सीनियर नेता भी भाजपा - टीडीपी गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि टीडीपी की तरफ से इस तरह की कोशिश दिख रही है ।
Editorial

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