✕
मीडिया को दिया टीआरपी बढ़ाने का 'फॉर्मूला'
By EditorialPublished on
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार शाम को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (India Today Conclave) में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की और अपने कार्यकाल के दौरान देश में हुए बदलाव का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण के दौरान बदली खबरों में बदले भारत (India) की झलक भी दिखाई। साथ ही मीडिया को टीआरपी बढ़ाने (Media to Increase TRP)

x

नई दिल्ली (एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार शाम को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (India Today Conclave) में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की और अपने कार्यकाल के दौरान देश में हुए बदलाव का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण के दौरान बदली खबरों में बदले भारत (India) की झलक भी दिखाई।
साथ ही मीडिया को टीआरपी बढ़ाने (Media to Increase TRP) का फॉर्मूला भी सुझाया। मंच से बोलते हुए प्र.म. मोदी ने कहा कि 2014 से पहले हेडलाइंस होती थीं कि इस सेक्टर में इतने लाख करोड़ रूपये का घोटाला। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी। आज क्या हेडलाइन होती है ? भ्रष्टाचार (Corruption) के मामलों में एक्शन के कारण भयभीत भ्रष्टाचारी लामबंद हुए, सड़कों पर उतरे। मीडिया ने पहले घोटालों (Scams) की खबरें दिखा-दिखाकर खूब टीआरपी (TRP) बटौरी हैं। आज मीडिया के पास अवसर है कि भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई दिखाकर टीआरपी (TRP) बढ़ाएं। प्र.म. ने कहा कि पहले शहरों में बम ब्लास्ट (Bomb Blast) की हेडलाइन (Headline) होती थीं, नक्सली वारदात की हेडलाइन होती थीं। आज शांति और समृद्धि की खबरें ज्यादा आती हैं। पहले पर्यावरण के नाम पर बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्टर (Infrastructure) रोके जाने की खबरें आती थीं। आज पर्यावरण से जुड़ी पॉजिटिव न्यूज के साथ ही नए हाईवे-एक्सप्रेसवे बनने की खबरें आती हैं। पहले ट्रेनों की दुखद दुर्घटनाओं की खबरें आम बात थीं। आज आधुनिक ट्रेनों (Trains) की शुरूआत हेडलाइन बनती हैं। पहले एयर इंडिया के घोटालों की- वेहाली की चर्चा होती थी, आज दुनिया की सबसे बड़ी एयरक्राफ्ट डील (Aircraft Deal) की ख़बरें दुनिया में हेडलाइन बनती हैं। प्र.म. ने कहा कि प्रोमिस और पर्फोर्मेंस का यही बदलाव इंडिया मूमेंट लेकर आया है। । जब देश आत्मविश्वास से भरा हो, संकल्प से भरा हो, विदेश भी, दुनिया के विद्वान भी, भारत को लेकर आशावान हों, इन सबके बीच निराशा की बातें, हताशा की बातें, भारत (India) को नीचा दिखाने की बातें, भारत का मनोबल तोड़ने की बातें भी होती रहती हैं। जैसा कि हम जानते हैं। कि कहीं भी शुभ होता तो एक काला टीका लगाने की परंपरा होती है। तो आज इतना शुभ हो रहा है कि कुछ लोगों ने काला टीका लगाने का जिम्मा लिया है।

Editorial
Next Story
Related News
X
