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अपनी मर्जी से किया शिवलिंग का जलाभिषेक
By EditorialPublished on
जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने मंदिर (Temple) जाने और शिवलिंग (Shivling) पर जल चढ़ाने (Jalabhishek) का बचाव किया है

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नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने मंदिर (Temple) जाने और शिवलिंग (Shivling) पर जल चढ़ाने (Jalabhishek) का बचाव किया है। मुफ्ती ने बुधवार को पुंछ जिले में नवग्रह मंदिर का दौरा किया था और शिवलिंग पर जल चढ़ाया था । इसका वीडियो सामने आने के बाद भाजपा (BJP) और मुस्लिम मौलवियों दोनों उनकी आलोचना की। गुरूवार को महबूबा मुफ्ती ने मौलवियों पर निशाना साधा और कहा कि वह अपने धर्म को अच्छी तरह से जानती हैं। एक दिन पहले पुंछ जिले के दो दिवसीय दौरे पर गईं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख ने पुंछ सीमा पर नवग्रह मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
उन्होंने मंदिर में शिवलिंग पर जल भी चढ़ाया जहां भाजपा ने उनकी मंदिर यात्रा को नाटक और नौटंकी बताया, तो वहीं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के देवबंद (Deoband) में एक मौलाना ने कहा कि महबूबा मुफ्ती ने जो किया वह इस्लाम (Islam) में स्वीकार्य नहीं है। हालांकि महबूबा मुफ्ती ने गुरूवार को अपनी बात रखी और मंदिर जाने का बचाव किया। उन्होंने कहा, हम एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र (Secular Nation) हैं। हम % गंगा जमुनी तहजीब का पालन करते हैं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं। मैं हमारे नेता स्वर्गीय यशपाल शर्मा जी द्वारा बनाए गए मंदिर में गई थी। यह एक सुंदर मंदिर है। मंदिर में किसी ने मुझे प्यार से पानी भरा एक बर्तन दिया। मैंने उनके स्नेह और भक्ति का सम्मान किया और शिव लिंगम का जल अभिषेक किया। पीडीपी प्रमुख ने कहा, देवबंद के मौलाना ने जो कहा है, उस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
मैं अपने धर्म को अच्छी तरह जानती हूं। यह मेरा निजी मामला है कि मैं कहां जाती हूं। इससे पहले इत्तेहाद उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा, चाहे वह महबूबा मुफ्ती हों या कोई अन्य आम मुसलमान (Muslim), हर कोई जाता है कि हमारा धर्म क्या कहता है, हमारा धर्म क्या अनुमति देता है और हमारे धर्म में क्या प्रतिबंधित है। यह भारत है, यहां हर कोई जो चाहे करने के लिए स्वतंत्र है ... हालांकि, महबूबा मुफ्ती ने जो किया है वह अनुचित है और इस्लाम में इसकी अनुमति नहीं है। ऐसा नहीं है कि महबूबा मुफ्ती ने जो किया है वह उनके धर्म को छीन लेगा, लेकिन उन्होंने जो किया है वह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है।

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