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गहलोत बोले- भाजपा नेताओं ने वीरांगनाओं को इकट्ठा किया
By EditorialPublished on
सीएम अशोक गहलोतने (CM Ashok Gehlot) प ुलवामा (Pulwama) शहीदों की वीरांगनाओं को ओर से देवर को नौकरी देने की मांग पर फिर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है। गहलोत ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा- वीरांगनाओं को भाजपा (BJP)
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जयपूर । सीएम अशोक गहलोतने (CM Ashok Gehlot) प ुलवामा (Pulwama) शहीदों की वीरांगनाओं को ओर से देवर को नौकरी देने की मांग पर फिर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है। गहलोत ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा- वीरांगनाओं को भाजपा (BJP) नेताओं ने इकट्ठा किया है। चुनावी साल है राजस्थान जैसा पैकेज कहीं नहीं है। गहलोत रविवार को जयपुर में विद्याश्रम स्कूल के महाराणा ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। गहलोत ने कहा- हमने शहीदों के आश्रितों को जो पैकेज दिए हैं, वह शायद देश के किसी राज्य में नहीं मिलता होगा। इंदिरा गांधी नगर परियोजना के पास सिंचित जमीन, पत्नी या पुत्र को नौकरी हाउसिंग बोर्ड का शहर में मकान, पेट्रोल पंप, शहीद स्मारक, आर्थिक सहायता, तमाम पैकेज दिए हैं। यही नहीं अगर शहीद की पत्नी गर्भवती है. उसके जो बच्चा पैदा होगा उसकी नौकरी भी गर्भ में रहते हुए भी आरक्षित कर दी। शहीद का बच्चा पैदा होकर बड़ा होगा तब तक उसकी नौकरी रिजर्व रहेगी। ऐसा फैसला हिंदुस्तान में कभी हुआ है क्या?
चार साल बाद क्यों मांग रहे हैं नौकरी
गहलोत ने कहा- मेरी जानकारी में आया है कि इन सभी (वीरांगनाओं) को भाजपा नेताओं ने इकट्ठा किया है, क्योंकि अब चुनाव का वक्त है। ये लोग अब चार साल बाद नौकरी क्यों मांग रहे हैं? इनसे कोई पूछे कि घटना 2019 में हुई उस वक्त मांग क्यों नहीं की? अब चार साल बाद आप मांग करके धरना दे रहे हो। पूरे राज्य और देश के लोगों को गुमराह कर रहे हो। ऐसा करके ये देश में राजस्थान की बदनामी करवा रहे हैं ऐसी हरकतों के लिए जनता इनको आने वाले समय में जवाब देगी।
सोशल सिक्योरिटी देना सरकारी की जिम्मेदारी : ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि ओपीएस को लेकर कई सीएम, वित्त मंत्री आलोचना कर हैं। मेरा मानना है, जब 65 साल तक देश में ओपीएस लागू थी। तब भी देश आधुनिक बनने की ओर आगे बढ़ रहा था । ये है, जब आजादी से पहले देश में एक सुई नहीं बनती थी। हम कहां तक पहुंच गए। कर्मचारियों को सिक्योरिटी देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसे हम शेयर बाजार के भरोसे नहीं छोड़ सकते है। उन्होंने कहा- मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं कि देश के हर नागरिक के लिए सोशल सिक्योरिटी एक्ट लेकर आओ सभी को जीवन यापन जीतना तो पैसा (पेंशन) मिलनी ही चाहिए। आज हम विश्व गुरु बनने की बात कर रहे हैं। पहले हम अपने देश में रह रहे परिवारों को तो सिक्योर कर ले।

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