Sanjay Raut
मुंबई : राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने अपनी पार्टी एमएनएस (MNS) के 17 वें स्थापना दिवस के मौके पर दिए गए अपने भाषण में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर जोरदार हमला किया था।
ठाणे (Thane) को सभा में गुरुवार को राज ठाकरे ने कहा था कि जब वे मस्जिदों से चोंगे उतारने का आंदोलन कर रहे थे, तब ठाकरे सरकार के दौर में उनके कार्यकर्ताओं पर राज्यभर में 17 हजार केसेस दर्ज हुए। राज ठाकरे ने कहा कि, 'जो मेरे रास्ते के बीच में आएगा, उनका देखो क्या हो जाएगा? मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद गया ना' ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत (Member of Parliament Sanjay Raut) ने शुक्रवार मीडिया संवाद (Media interaction)
इसका जवाब दिया। संजय राउत ने कहा, कोई उनके रास्ते के बीच में नहीं आ रहा है। किसी को नहीं पड़ी है उनके रास्ते में आने की राज ठाकरे की पार्टी इतनी बड़ी नहीं है कि उद्धव ठाकरे को उनके रास्ते के बीच में आने की जरूरत है। ठाकरे सरकार गिरी ईडी और सीबीआई की वजह से और कुछ अपने ही लोगों के खोखे के लालच में आने की वजह से । यहा सारी दुनिया को पता अगर राज ठाकरे को यह नहीं पता है तो उन्हें अपना रास्ता दुरुस्त कर लेना चाहिए। ईडी का तजुबां उन्हें भी हुआ है।'
बजट की बातें लुभाने वाली है क्योंकि शिंदे सरकार (Shinde government) जाने वाली है।
आगे संजय राउत ने शिंदे फडणवीस सरकार (Shinde Fadnavis Govt.) और कल पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ' देवेंद्र फडणवीस अपना आखिरी बजट पेश कर रहे थे। उन्हें भी पता है कि वे जाने वाले हैं। 14 मार्च को सुप्रीम कोर्ट
(Supreme Court)
में सुनवाई है। शिंदे समेत उनके 16 विधायकों की विधायिकी रद्द होने वाली है। इसके बाद शिंदे सरकार नहीं रहेगी। इसलिए यह लोक-लुभावन बजट देकर फडणवीस जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। जो ऐलान किया है वो पूरे करें, किसने रोका है। तिजोरी में फंड की तो कमी नहीं है।
धर्म और जात पूछ कर खाद देने का काम करेंगे तो किसान महाराष्ट्र धर्म दिखा देंगे
एक पत्रकार ने संजय राउत से पूछा कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में किसानों को खाद और फर्टिलाइजर देते वक्त उनकी जाति पूछी जा रही है। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि यह सरकार बस जाति और धर्म के आधार पर ही राजनीति करना जानती है। आज तक महाराष्ट्र में ऐसा कभी नहीं हुआ। महाराष्ट्र एक प्रोग्रेसिव स्टेट रहा है। धर्म और जात पूछ कर खाद देंगे तो किसान उन्हें महाराष्ट्र धर्म दिखा देंगे।
Editorial

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