Sadanand Kadam
मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ठाकरे (Thackeray) गुट के नेता सदानंद कदम को हिरासत में लिया है। उन्हें साईं रिसॉर्ट से संबंधित घोटाले के मामले में हिरासत में लिया गया है। महाराष्ट्र (Maharashtra) के कोंकण इलाके में रत्नागिरी के दापोली में स्थित साईं रिसॉर्ट अवैध तरीके से और मनी लॉन्ड्रिंग करके बनाया गया है और सदानंद कदम इसमें पूर्व परिवहन मंत्री अनिल परब के पार्टनर हैं। यह आरोप बीजेपी नेता किरीट सोमैया लगाते रहे हैं। सदानंद कदम को अरेस्ट किए जाने की जानकारी किरीट सोमैया ने ही दी है। लेकिन ईडी की तरफ से उन्हें अरेस्ट किए जाने की जानकारी नहीं है। फिलहाल ईडी (ED) की टीम सदानंद कदम को लेकर मुंबई रवाना हो चुकी है। मुंबई कार्यालय में लाकर उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके बाद संभावना है कि ईडी के अधिकारी उन्हें अरेस्ट करने की कार्रवाई करें। किरीट सोमैया ने इसकी जानकारी देते हुए ठाकरे गुट के नेता और पूर्व परिवहन मंत्री अनिल परब को चेतावनी यह कह कर दी है- अब तेरा क्या होगा अनिल परब? सदानंद कदम
(Sadanand Kadam)
को दापोली के कुडेशी गांव के निवास में ईडी अधिकारी पहुंचे। कुछ घंटे तक पूछताछ की और फिर मुंबई चलने को कहा। किरीट सोमैया का आरोप है कि साईं रिसॉर्ट अनिल परब का है। लेकिन अनिल परब लगातार यह बयान देते रहे हैं कि उनका साईं रिसॉर्ट से कोई संबंध नहीं है। लेकिन किरीट सोमैया इसके जवाब में कहते हैं कि सदानंद कदम डमी मालिक हैं। असली मालिक अनिल परब हैं। हाल ही में बिजनेसमैन सदानंद कदम ने साईं रिसॉर्ट को आयकर विभाग द्वारा अटैच किए जाने का विरोध किया था।
कदम को पूछताछ के लिए बुलाया- ED सूत्र
इधर ईडी सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सदानंद कदम को पूछताछ के लिए मुंबई लाया जा रहा है। अभी उन्हें ना हिरासत में लिया गया है और ना ही अरेस्ट किया गया है।
कदम ने साईं रिसॉर्ट को IT विभाग द्वारा कब्जे में लेने का किया था विरोध
इस शक के आधार पर कि साईं रिसॉर्ट उद्धव ठाकरे के करीबी अनिल परब की प्रॉपर्टी है, आयकर विभाग ने बेनाम प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन ऐक्ट के तहत साईं रिसॉर्ट को अटैच कर लिया था। लेकिन सदानंद कदम का कहना है कि उसने केबल के बिजनेस से कमाए पैसे से यह रिसॉर्ट खड़ा किया है।
आयकर विभाग द्वारा प्रॉपर्टी को जब्त किए जाने के बाद जनवरी महीने में ईडी ने भी इस सवा दस करोड़ की प्रॉपर्टी की जब्ती की कार्रवाई की। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की थी।
ठाकरे (Thackeray) गुट ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया
आदित्य ठाकरे ने इस मुद्दे पर कहा कि यह देश भर में पैटर्न हो गया है। जो भी सरकार
(Government)
के खिलाफ है उसके खिलाफ जांच एजेंसियां ऐक्टिव हो जाती हैं। ठाकरे गुट के नेता और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने इस संबंध में कहा कि बिहार में लालू के खिलाफ, दिल्ली में मनीष सिसोदिया के खिलाफ, यहां सदानंद कदम (Sadanand Kadam) के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियां ऐक्टिव हैं। यह कहने की जरूरत है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ चुन-चुन कर कार्रवाई हो रही है। बीजेपी (BJP) नेता अतुल भातखलकर ने कहा कि अगर ईडी ने गलत किया है तो सुप्रीम कोर्ट में जाएं। कानून का सहारा लें। जो भ्रष्टाचार करेगा उनके खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी। कानून की नजर में सब समान है। अगर भ्रष्टाचार किया है तो उसके सबूत एजेंसियों को न्यायालय के सामने पेश करना पड़ता है।
Editorial

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