Sisodia
नई दिल्ली : दिल्ली (Delhi) के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) सीबीआई (CBI) के बाद अब ईडी (Ed) के भी शिकंजे में आ गए हैं। ईडी ने शुक्रवार को अदालत उनकी 10 दिन की रिमांड मांगी, जिसका सिसोदिया के वकीलों ने पुरजोर विरोध किया। लेकिन कोर्ट ईडी की दलीलों से संतुष्ट दिखी और दिल्ली के पूर्व डेप्युटी सीएम को 7 दिनों के लिए एजेंसी की कस्टडी में भेज दिया। शुक्रवार को सिसोदिया । दूसरा तगड़ा झटका था। इससे पहले स्पेशल सीबीआई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई 21 मार्च तक के लिए टल गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के राज एवेन्यू कोर्ट परिसर में स्थित विशेष सीबीआई अदालत में कहा कि सिसोदिया दिल्ली शराब घोटाले की जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे, इसलिए उन्हें कस्टडी में लेकर पूछताछ जरूरी है। इसी आरोप पर अदालत ने सीबीआई को भी सिसोदिया की हिरासत बढ़ा दी थी। दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियां कोर्ट में बार-बार दावा कर रही हैं कि सिसोदिया सवालों को टाल रहे हैं और जांच को हल्के में ले रहे हैं। ईडी के वकील जोहेब हुसैन ने सिसोदिया पर सबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह दूसरे लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड का उपयोग करते थे, ताकि बाद में मामला फंस जाए तो उसे अपनी ढाल बना सकें। उन्होंने अदालत से सिसोदिया की 10 दिनों की रिमांड मांगी। वकील ने कहा, हम रिमांड इसीलिए मांग रहे हैं क्योंकि आरोपी शुरूआत से सवालों के जवाब देने से बचता आ रहा है। जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने फोन आदि के रूप में मौजूद सबूतों को नष्ट कर दिया है।
ईडी (ED) ने केजरीवाल और संजय का भी नाम ले लिया
दरअसल, कोर्ट में ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले को लेकर बड़े-बड़े दावे किए हैं। ईडी ने कहा कि बड़ी सोची- समझी रणनीति के तहत घोटाले को अंजाम दिया गया है जिसमें आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं की मिलीभगत थी। इसी क्रम में पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल का नाम भी पहली बार लिया गया। ईडी ने कहा कि सिसोदिया (Sisodia) के इशारे पर घोटाले की पटकथा लिखी गई जिसमें अरविंद केजरीवाल और आप के ज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी भूमिका निभाई है। अदालत में ईडी का पक्ष रख रहे वकील जोहेब हुसैन ने दावा किया कि साउथ ग्रूप को फायदा पहुंचाने के लिए शराब नीति में सारे बदलाव किए गए थे। उन्होंने विशेष जज एमके नागपाल से कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजी सबूतों को देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दस्तावेज सबूत चीख- चीखकर गवाही दे रहे हैं कि किस तरह मुभिर प्राइवेट कंपनियों को बेजा फायदा पहुंचाने के लिए मनमाने नियम बनाए गए।
सिसोदिया ने अपने फोन को नष्ट किया : ईडी
इंडी (ED) के वकील ने दलील दी कि सिसोदिया ने 'घोटाले को लेकर झूठे दावे किए और वह अन्य आरोपियों से उनका सामना कराकर मॉडस ऑपरेंडी को समझना चाहती है। वकील जोहेब हुसैन ने दावा किया कि सिसोदिया ने अपने फोन को नष्ट किया जो इस जांच में एक अहम सबूत था। ईडी के दावों पर सिसोदिया (Sisodia) की तरफ से तीन सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन, मोहित माथुर और सिद्धार्थ अग्रवाल ने जवाबी दलील दिए इस पर ईडी ने सिसोदिया की तरफ से अपने बचाव में तीन वकीलों को उतारने पर सवाल उठाया। लेकिन अदालत ने तीनों को दलील रखने की इजाजत दे दी। आम तौर पर किसी केस में एक आरोपी का बचाव एक वकील ही करता है।
कोर्ट (Court) से 10 दिन की हिरासत देने की मांग
ईडी (ED) के वकील ने दावा किया कि नई नीति को जनता से सराहना मिलने की बात आंखों में धूल झोंकना है, और कुछ भी नहीं उन्होंने कहा, किसी ने प्रॉफिट मार्जिन 12' फिक्स करने का सुझाव नहीं दिया था ना आम जनता ने और ना ही मामले के पक्षकारों ने एक्साइज डिपार्टमेंट यह बात स्पष्ट कर चुका है। ईडी के वकील ने दावा किया कि सिसोदिया ने अपने तत्कालीन सचिव की सलाह भी नहीं मानी थी।
उन्होंने कहा कि इस पूरे षडयंत्र के केंद्र में विजय नायर षडयंत्र रहा था। उन्होंने कहा, इस घोटाले की कई शाखाएं हैं जो सरकार के लोगों से लेकर दलालों एवं अन्य लोगों तक फैली हुई हैं। पूरी साजिश नायर, सिसोदिया, के कविता और कई अन्य लोगों ने रची है। साउथ ग्रूप ने आप नेताओं को करीब 100 करोड़ रूपये की रिश्वत दी है। इसमें एक बड़े कार्टेल को दिल्ली
(Delhi)
में 30 शराब कारोबार का ठेका दिया गया था। जोहेब हुसैन ने इन दलीलों के साथ कोर्ट से कहा कि मामला इतना पेचीदा है कि सिसोदिया से गहन पूछताछ की जरूरत है, इसलिए उनकी 10 दिनों की हिरासत दी जाए।
सिसोदिया के वकीलों ने ईडी के दावों को किया खारिज
सीबीआई की विशेष अदालत के जज एमके नागपाल की कोर्ट में सिसोदिया की तरफ से तीन वरिष्ठ वकीलों ने मोर्चा संभाल रखा है वकील दयान कृष्णन, सिद्धार्थ अगरवाल और मोहित माथुर ने ईडी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय (Central) एजेंसी तिल के ताड़ बना रही है। उन्होंने ईडी के इस आरोप को भी सिरे से खारिज कर दिया कि सिसोदिया पूछताछ में सवालों के जवाब नहीं दे रहे हैं। सिसोदिया की ओर से सीनियर एडवोकेट दायन कृष्णन और मोहित माथुर ने दलीलें रखीं। कृष्णन ने एजेंसी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा की नीति बनाना कार्यकारी अधिकारियों का काम है, जिसकी कई स्तर पर जांच होती है। यह कुछ और नहीं, बस एक व्यक्ति को लगातार हिरासत में रखने की कोशिश है। माथुर ने कहा कि ईडी ने जो दस्तावेज अदालत के सामने रखा है, वो कहीं भी यह नहीं दिखाता है कि जो भी पैसे इधर से उधर हुए, वो मुझे (सिसोदिया को) मिले या मैंने किसी को दिए।
26 फरवरी से जेल में हैं सिसोदिया
ध्यान रहे कि दिल्ली की शराब नीति बदलकर घोटाला करने के आरोप में सीबीआई ने सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। वो 6 मार्च तक सीबीआई (CBI) की हिरासत में रहे, उसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं ईडी ने उनसे पूछताछ शुरू की और तीसरे दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सिसोदिया आज भी पेशी के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत जाते वक्त मीडिया कैमरों के सामने मुस्कुरा रहे थे। लगता है यह मुस्कुराहट आने वाले दिनों में उन पर और भारी पड़ने वाली है।
Editorial

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