राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को नागालैंड (Nagaland) सरकार को अपना समर्थन देने का फैसला किया। हालांकि, घोषणा करते समय उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एनसीपी सरकार का हिस्सा होगी या केवल बाहर से सरकार का समर्थन करेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नागालैंड एनसीपी (NCP) प्रमुख नरेंद्र वर्मा (Narendra Verma)

Pawar's NCP extends support to BJP alliance in Nagaland
मुंबई । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को नागालैंड (Nagaland) सरकार को अपना समर्थन देने का फैसला किया। हालांकि, घोषणा करते समय उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एनसीपी सरकार का हिस्सा होगी या केवल बाहर से सरकार का समर्थन करेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नागालैंड एनसीपी (NCP) प्रमुख नरेंद्र वर्मा (Narendra Verma) ने कहा कि अन्य सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन पत्र सीएम नेफ्यू रियो को सौंप दिया है, इसलिए हमारे 7 विधायक अलग-थलग नहीं रह सकते हैं।
नागालैंड एनसीपी (NCP) प्रमुख नरेंद्र वर्मा ने बताया, मैंने हाईकमान से अनुमति मांगी और पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने अन्य राजनीतिक दलों के साथ जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बुधवार को एनसीपी पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने फैसला किया कि उनकी पार्टी नागालैंड में विपक्ष की भूमिका नहीं निभाएगी और वह राज्य में मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो
(CM Neiphiu Rio)
के नेतृत्व को स्वीकार करती है। बता दें कि नागालैंड में भाजपा (BJP) और एनडीपीपी (NDPP) का गठबंधन है।
शरद पवार (Sharad Pawar) की एनसीपी के द्वारा भले ही नागालैंड में यह सियासी कदम उठाया गया है, लेकिन महाराष्ट्र (Maharashtra) तक कयास लगने लगे हैं। यहां एनसीपी, कांग्रेस (Congress) और शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट का गठबंधन है। महाविकास अगाड़ी (MVA) की सरकार जाने के बाद तीनों दलों के संबंध पटरी पर नहीं हैं।
विपक्ष में बैठने की हो रही थी तैयारी, कैसे बदला मूड
एक बैठक में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जीते एनसीपी के 7 विधायकों ने सरकार का समर्थन करने की राय दी थी। एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वोत्तर प्रभारी नरेंद्र वर्मा ने कहा कि एनसीपी नागालैंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए एक प्रस्ताव पेश करने पर विचार कर रही थी। एनसीपी विधायक दल की पहली बैठक 4 मार्च को कोहिमा में हुई थी।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि एनसीपी विधायक दल का नेता कौन होगा। इसके अलावा उपनेता, मुख्य सचेतक, सचेतक और प्रवक्ता आदि पर भी चर्चा हुई। एर पिक्टो शोहे को एनसीपी विधायक दल का नेता, पी लॉन्गोन को उपनेता चुना गया। नामरी नचांग को मुख्य सचेतक, वाई मोहनबेमो हम्त्सो को सचेतक और एस. तोइहो येप्थो को प्रवक्ता बनाया गया।
उन्होंने कहा, इस बारे में भी चर्चा हुई कि क्या एनसीपी सरकार का हिस्सा बनने जा रही है या मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका निभाने जा रही है। स्थानीय नवनिर्वाचित विधायकों और नगालैंड की एनसीपी स्थानीय इकाई की राय थी कि हमें सरकार का हिस्सा होना चाहिए।

Editorial

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