'It is good that Dawood's friends did not come...!'
मुंबई : बजट सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) ने पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि अच्छा हुआ कि आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के साथ संबंध रखने वाले इसमें शामिल नहीं हुए।
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी दलों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), शिवसेना (Uddhav Balasaheb Thackeray) और कांग्रेस ने चाय पार्टी का बहिष्कार किया ।
बाद में यहां पत्रकारों से बात करते हुए सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, एक तरह से यह अच्छा था कि विपक्ष हाई टी के लिए नहीं आया, क्योंकि उनमें से कुछ के आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के साथ संबंध थे। हमारे
(Shivsena Bharatiya Janata Party)
के बुलाने के बजाय गठबंधन महाराष्ट्र विरोधी है, क्या आप ऐसे लोगों को देशद्रोही नहीं कहेंगे? विपक्षी दलों में कुछ ऐसे लोग हैं, जिनके संबंध दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर से संबंध रहे हैं।
शिंदे स्पष्ट रूप से राज्य के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक का जिक्र कर रहे थे, जो दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिछले साल गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं। मुख्यमंत्री ने
एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर भी निशाना साधा।
शिंदे ने कहा, अजीत पवार कह रहे हैं। कि मैंने अपनी निष्ठा (उद्धव ठाकरे से भाजपा में) बदल दी, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैं अभी भी वही कर रहा हूं जो दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने हमें सिखाया था। यहां तक कि चुनाव आयोग द्वारा हमें नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने का फैसला भी (धनुष और बाण का ) यह साबित करता है।
शिंदे ने आगे कहा, अजीत पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ (नवंबर 2019 में) शपथ ली और कुछ दिनों के भीतर पाला बदल दिया। आपको कोई भी आरोप लगाने के लिए बुद्धिमान होने की आवश्यकता नहीं है। पवार पानी से बाहर मछली की तरह हैं। चूंकि वह सत्ता से बाहर हैं, इसलिए वह इस तरह से काम कर रहे हैं।

Editorial

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