PM Narendra Modi
कार्यालय संवाददाता दौसा : पिछले महीने भीलवाड़ा पहुंचने के बाद एक बार फिर राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का आगमन होगा। 12 फरवरी को प्र.म. मोदी दौसा (Dausa) आएंगे। दौसा के धनावड में जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi- Mumbai Expressway) के पहले फेज का उद्घाटन करने के लिए दौसा आ रहे हैं। ऐसे में प्र. म. के दौरे को देखते हुए तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां (Satish Poonia) सहित भाजपा नेता भजनलाल शर्मा, चंद्रशेखर, मदन दिलावर और रामलाल गोठवाल सहित अनेक नेता दौसा पहुंचे। यहां 8 जिलों के भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की तैयारियों को लेकर निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री के दौरे कि गांव-गांव तक जागरूकता करने के लिए भी निर्देश दिए गए। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) के कार्यकाल में पूरे देश में सडक़ों का जाल बिछा है। सडक़ बनने की रफ्तार में भारी वृद्धि हुई है।
सभा स्थल हुआ चेंज
उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को इससे पहले प्र.म. मोदी की मीणा हाईकोर्ट में रैली होने की बात सामने आ रही थी। इसको लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा आदिवासी, गुर्जरों के साथ मीणा वोटबैंक को साधने के लिए ऐसा कदम उठा रही है। इधर, किरोड़ी समर्थकों का अब आरोप है कि दौसा सांसद जसकौर मीणा, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इस सभा को मीणा हाईकोर्ट से कैंसिल करवाया है। हालांकि यह कहा जा रहा है कि यह कार्यक्रम पीएमओ की ओर से तय किया गया है। वहीं नितिन गडकरी इस दौरान मौजूद रहेंगे और एनएचएआई के अधिकारियों ने ही यह जगह तय की है। हालांकि इन सबके बावजूद सभा स्थल को बदलने की चर्चा सियासी हलकों में जोर-शोर से हो रही है। साथ ही इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
मीणा हाईकोर्ट पर दिखा था पायलटका दम
दौसा में प्र.म. मोदी की रैली की जो जगह बताई जा रही थी वहां 16 दिसंबर को सचिन पायलट (Sachin Pilot) का जलवा देखने को मिला था । यहाँ राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) में 100 दिन पूरे होने के बाद दौसा के मीणा हाईकोर्ट से रैली आगे बढ़ी थी। सचिन पायलट के गढ़ माने जाने वाले दौसा में इस दौरान राहुल गांधी और यात्रा का स्वागत करने के लिए हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। इसे सचिन पायलट के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Editorial

Editorial

Next Story