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विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट ने दिया इस्तीफा
By EditorialPublished on
बालासाहेब थोराट (Balasaheb Thorat) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले पर सवाल उठाने के अगले दिन ही थोराट ने कांग्रेस को झटका दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि थोराट ने पार्टी से इस्तीफे की चिठ्ठी दिल्ली में हाईकमान को दी है। विधानसभा अध्यक्ष को उन्होंने इस्तीफा नहीं भेजा है। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole)

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प्रातः काल संवाददाता मुंबई : महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress) में सबकुछ ठीक नहीं है। पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट (Balasaheb Thorat) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले पर सवाल उठाने के अगले दिन ही थोराट ने कांग्रेस को झटका दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि थोराट ने पार्टी से इस्तीफे की चिठ्ठी दिल्ली में हाईकमान को दी है। विधानसभा अध्यक्ष को उन्होंने इस्तीफा नहीं भेजा है। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने इस तरह के किसी भी घटनाक्रम से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि थोराट से कोई त्यागपत्र नहीं मिला है।
एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद बढ़ी रार !
कहा जाता है कि थोराट पिछले काफी समय से अपने पद से इस्तीफा देना चाह रहे थे, लेकिन हाल ही में आए नासिक एमएलसी चुनाव के नतीजे से कलह और बढ़ गई। दरअसल, नासिक में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार सत्यजीत तांबे (Satyajeet Tambe) को भारी बहुमत से जीत हासिल हुई है, जबकि कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना की संयुक्त उम्मीदवार शुभांगी पाटिल (Shubhangi Patil) को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट से सत्यजीत तांबे के पिता सुधीर तांबे तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। तांबे परिवार थोराट का रिश्तेदार है । कहा जा रहा है कि थोराट की परेशानी बढ़ाने के लिए ही सत्यजीत को चुनाव में टिकट नहीं मिला।
जन्मदिन पर दिया कांग्रेस को झटका
पटोले ने पत्रकारों से कहा, मैं थोराट जी को आज उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। मुझे उनके इस्तीफे की कोई चिट्ठी नहीं मिली है। कम से कम उन्हें हमसे संवाद करना चाहिए, फिर हम चर्चा कर सकते हैं।

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