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संपत्ति कर में हो सकती है 16 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी
By EditorialPublished on
दरअसल मनपा (Manapa) हर साल आवासीय तथा व्यावसायिक संपत्तियों के लिये संपत्ति कर की दर में वृद्धि करती है। लेकिन वर्ष 2020 से कोविड (Covid) महामारी के प्रकोप के कारण मनपा ने पिछले तीन सालों में संपत्ति कर में कोई वृद्धि नहीं की है। महामारी से त्रस्त जनता की आर्थिक स्थिति

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मुंबई : तकरीबन तीन सालों के अंतराल के बाद, आखिरकार इस साल मनपा (Manapa) अपने प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) की दरों में कम से कम 16 प्रतिशत की वृद्धि कर सकती है। हालांकि मनपा चुनाव की संभावना के मद्देनजर चुनाव के बाद नये जनप्रतिनिधियों को इस बाबत निर्णय लेना पड़ सकता है।
दरअसल मनपा (Manapa) हर साल आवासीय तथा व्यावसायिक संपत्तियों के लिये संपत्ति कर की दर में वृद्धि करती है। लेकिन वर्ष 2020 से कोविड (Covid) महामारी के प्रकोप के कारण मनपा ने पिछले तीन सालों में संपत्ति कर में कोई वृद्धि नहीं की है। महामारी से त्रस्त जनता की आर्थिक स्थिति को देखते हुये मनपा ने यह बोझ डालना ठीक नहीं समझा था। पिछले साल की पहली छमाही में ओमिक्रॉन वैरियेंट के प्रादुर्भाव के कारण पिछले साल भी संपत्ति कर की दरों में वृदधि के प्रस्ताव को साल भर के लिये टाल दिया गया था। इस तरह से 31 मार्च 2023 तक के लिये यह दर वृद्धि स्थगित कर दी गई थी।
अब मनपा आयुक्त एवं प्रशासक इकबाल सिंह चहल के मुताबिक, इस साल के अंत तक संपत्ति कर में वृद्धि का विकल्प खुला हुआ है। 31 मार्च के बाद यह मनपा के अधिकार में है कि वह संपत्ति कर में बढ़ोत्तर कर सकती है। जाहिर है, 31 मार्च के बाद इस बाबत कोई फैसला लिया जायेगा। यदि उस बीच मनपा चुनाव होते हैं तो ऐसे में नये चुनकर आनेवाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी इसमें अहम रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस साल के अंत तक संपत्ति करों में वृद्धि होगी और यह वृद्धि तकरीबन 16 प्रतिशत तक की हो सकती है। हालांकि इस साल मनपा चुनाव आयोजन के मद्देनजर संपत्ति कर में वृद्धि के कारण राजनीतिक दल, जनता की नाराजगी मोल लेने का खतरा नहीं उठाना चाहेंगे। लिहाजा ज्यादा संभावना यही है कि मनपा चुनाव तक इस दर वृद्धि को स्थगित ही रखा जायेगा और चुनाव बाद नये जनप्रतिनिधियों की सहमति से यह दर वृद्धि की जा सकती है।

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