Arrested
मुंबई : हाल के दिनों में खुद को भवन निर्माण मजदूर बताते हुये जमीन की खुदाई में बड़ी तादाद में सोना और चांदी हाथ लगने की बात कहते हुये इसे सस्ते में बेचने की पेशकश कर बुजुर्गों और कारोबारियों को ठगने की कुछ घटनायें देखने को मिल रही हैं। कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने इसी तरह से ठगी को अंजाम देने वाले एक गिरोह का भंडाफोड किया है। पुलिस (Police) ने इस गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस इसकी जांच में जुटी है कि मुंबई (Mumbai) में हाल के दिनों में ऐसे जो कई मामले दर्ज हुये हैं, क्या उनमें भी इसी गिरोह का हाथ है ?
मिली जानकारी के मुताबिक, भुलेश्वर में कपड़ा कारोबारी नरेशकुमार किसी काम से कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान मनपा मुख्यालय
(Municipal Headquarters)
के पास उन्हें एक युवक मिला जिसने नरेशकुमार से किसी पते के बारे में जानकारी चाही। इस दौरान बातचीत में उस युवक ने अपना नाम शिवकुमार माली बताया और इसी के साथ उसने कुछ चांदी के सिक्के निकाले और नरेशकुमार को दिखाये। उसने नरेशकुमार को बताया कि इस तरह के उसके पास कुल 300 से ज्यादा सिक्के हैं जो उसे जल्द से जल्द बेचने हैं। युवक ने नरेशकुमार को देखने के लिये वह सिक्का दिया। नरेशकुमार को जब इत्मीनान हो गया कि यह असली चांदी है तो उन्होंने उस युवक से इसे खरीदने की मंशा जताई और बातचीत के मुताबिक, अपनी पत्नी को लेकर बोरीवली पहुंच गये। वहां शिवकुमार और उसके साथ एक पुरूष तथा महिला पहुंची। उन्होंने बताया कि वे मजदूर हैं और खुदाई के दौरान उन्हें एक बर्तन मिला है जिसमें सोने और चांदी के सिक्के थे। वे इसे बेचकर जल्दी से शहर छोड़कर जाना चाहते हैं। सौदा सस्ता देखकर नरेशकुमार ने चांदी के बजाये आधा किलो सोना 30 लाख में खरीद लिया। लेकिन जब जांच की तो पता चला कि वह सोना नहीं बल्कि पीतल था।
नरेशकुमार की शिकायत के बाद कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने इस मामले में विरार के भातपाडा इलाके में लगातार पांच दिनों तक जाल बिछाकर जीवीदेवी मनीलाल परमार, विजयकुमार प्रमेप्रसाद राय, विनय मनीलाल परमार, मनीलाल गोमसिंह परमार इन चारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने 10 लाख रुपये बरामद किये हैं।
Editorial

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