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सीएम शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज
By EditorialPublished on
हाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक होने से दो धड़ो में बटी उद्धव (Uddhav) गुट की शिवसेना (Shivsena) और शिंदे (Shinde) गुट की शिवसेना में अक्सर खींचातानी देखने को मिलती है

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मुंबई: महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक होने से दो धड़ो में बटी उद्धव (Uddhav) गुट की शिवसेना (Shivsena) और शिंदे (Shinde) गुट की शिवसेना में अक्सर खींचातानी देखने को मिलती है। वह अक्सर एक दूसरे पर निशाना साधते हुए नजर आते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष किया। सीएम ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि राज्य की प्रगति के लिए केंद्र के साथ संबंध अच्छे रखने जरूरी होते हैं और काम जमीन पर होता है, ना कि ऑनलाइन ।
विकास के लिए जमीनी स्तर पर करना होता है काम
एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा कि यदि अपने राज्य में विकास चाहते हैं, तो जमीन पर उतर कर काम करना पड़ता है। आप सारे काम आनलाइन और फेसबुक के जरिए ही नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि विकास के लिए केंद्र से फंड पाने के लिए एक मुख्यमंत्री को अपना अहंकार किनारे रखकर चलना पड़ता है। बता दें कि ये बातें शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए कहीं है। 2019 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहने के दौरान उद्धव ठाकरे अक्सर केंद्र सरकार (Central government) से टकराव मोल लेते रहे और ज्यादातर कामकाज अपने निजी आवास मातोश्री में बैठकर निपटाते रहे हैं।
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ठाकरे (Thackeray) ने किया शिवसेना की विचारधारा से धोखा'
हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा एकनाथ शिंदे गुट को ही असली शिवसेना (Shivsena) का दर्जा एवं चुनाव चिह्न धनुष-बाण दिए जाने से संबंधित एक प्रश्न पर शिंदे ने कहा कि शिवसेना की स्थापना बालासाहब ठाकरे ने की थी। आज शिवसेना (Shivsena) के ज्यादातर विधायक, सांसद और सभासद हमारे साथ हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना ही उनपर शिवसेना की विचारधारा से धोखा करने का आरोप भी लगाया। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ठाकरे ने कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर महाविकास आघाड़ी की सरकार बना ली। जबकि बालासाहब ने आपसे कहा था की किसी संपत्ति पर कोई दावा नहीं करेंगे। बालासाहब की विचारधारा और कि उनसे दूरी बनाकर रखो। तो वहीं सीएम शिंदे ने फिर दोहराया कि वह शिवसेना विरासत ही उनका और उनके समर्थकों का खजाना है।

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